विदेशों में गिरावट के बीच लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव टूटे
नई दिल्ली
विदेशी बाजारों में सामान्य कारोबार के बीच देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में शुक्रवार को तेल तिलहन कीमतों में मामूली घट बढ़ देखी गई। सरसों, मूंगफली तेल तिलहन और सोयाबीन तेल सहित अधिकांश तेल तिलहनों की कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.45 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज बृहस्पतिवार रात सुधार के साथ बंद होने के बाद फिलहाल उसमें कोई घट बढ़ नहीं है। सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के किसान नीचे भाव में अपनी फसल बेचने से बच रहे हैं जिससे सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया। उन्होंने कहा कि पामोलीन के मुकाबले सोयाबीन जैसे हल्के तेलों के सस्ता होने से पामोलीन की मांग प्रभावित हुई है। इस वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें नरमी के साथ बंद हुई। उन्होंने कहा कि हल्के तेलों के मुकाबले पामोलीन का आयात करना महंगा सौदा बैठता है।
सूत्रों ने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन, सोयाबीन तेल, बिनौला सहित कई अन्य तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। सूत्रों ने कहा कि सरकार को तेल तिलहनों के शुल्कों में कमी किये जाने के बाद कीमतों में आई गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित करनी चाहिये जो निरंतर तेल तिलहन कीमतों की घट बढ़ पर नजर रखे।
बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
