80 हजार से अधिक पद खाली, शिक्षा विभाग कर रहा नियुक्ति की तैयारी

भोपाल
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 80 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वैसे विभाग 20 हजार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर रहा है पर इससे काम नहीं चल पाएगा, इसलिए 14 हजार शिक्षकोंं की भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। इनमें सात हजार उच्च माध्यमिक शिक्षक और पांच हजार माध्यमिक शिक्षक के पद हैं। अभी यह तय होना है कि इनकी नियुक्ति के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मसलन, दस्तावेजों का सत्यापन कैसे और कब कराया जाएगा।

चयनित शिक्षकों को राहत मिली है। राज्य शासन की ओर से चयनित शिक्षकों की पात्रता की वैधता की समयसीमा अब तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। यानी अब चयनित शिक्षक तीन साल तक के लिए वैध नहीं, बल्कि पांच साल तक के लिए वैध रहेंगे। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए निर्धारित न्यूनतम 90 अंक भी अब से 75 अंक कर दिए गए हैं। न्यूनतम 60 प्रतिशत से घटाकर अब 50 फीसद कर दिया गया है। नए आदेश के तहत एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांगजन के लिए न्यूनतम प्रतिशत समान हो गया है।

पिछड़ा वर्ग ने सीएम से मुलाकात कर की थी मांग
पिछले दिनों आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उक्त मांग की थी। इस संशोधन से वंचित वर्गों को नई  भर्तियों में सबसे बड़ा लाभ मिलेगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढाई की स्थिति सुधारने के लिए सरकार प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में शिक्षक नियुक्त करेगी। इसके लिए पात्रता परीक्षा परिणाम की वैधता अविध पांच साल तक बढ़ा दी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया जा सकता है। बता दें, कि वर्ग का परिणाम अगस्त 2029 को आया था, तो अब पात्रता बढ़कर अगर पांच वर्ष कर दी गई है तो इनकी वैधता अगस्त 2024 तक हो जाएगी। वहीं माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 का परीक्षा परिणाम 26 अक्टूबर 2019 को घोषित हुआ, यानी इनकी वैधता 26 अक्टूबर 2025 तक होगी।

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