गंगा में तैरते बॉक्स में मिली बच्ची का खर्च उठाएगी सरकार
गाजीपुर
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गंगा में तैरते हुए लकड़ी के बॉक्स में बंद मिली बच्ची का खर्च सरकार उठाएगी। साथ ही बच्ची को बचाने वाले मल्लाह को इनाम के रूप में यूपी सरकार की तरफ से एक नाव दी जाएगी, साथ ही घर की ओर जाने के लिए पक्की सड़क बनवाई जाएगी।
गौरतलब है कि ददरी घाट पर गंगा किनारे एक लकड़ी के बक्से से बच्चे के रोने की आवाज आई। मल्लाह गुल्लू ने आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो बक्से में एक बच्ची रो रही थी। इस दौरान मौके पर लोग भी जुट गए।
बक्से में देवी-देवताओं के फोटो देखकर सभी हैरान हो गए थे। साथ ही बक्से के अंदर एक जन्म कुंडली भी थी। बच्ची को गुल्लू अपने घर ले गए। जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस मल्लाह के घर पहुंच गई और बच्ची को आशा ज्योति केंद्र ले गई।
दूसरे दिन बुधवार को डीएम एमपी सिंह और सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्ता बच्ची का हालत जानने आशा ज्योति केंद्र पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने बच्ची को बचाने वाले मल्लाह गुल्लू से बात की। जिलाधिकारी ने मल्लाह से पूछा कि वह क्या चाहते हैं, तो उन्होंने बताया कि उनके घर तक जाने का रास्ता खराब है, साथ ही उनकी नाव भी काफी पुरानी और खराब हो गई है। इस पर डीएम ने नई नाव देने और घर तक जाने के लिए रास्ता बनवाने की बात कही।
बीएचयू में समाजशास्त्र विभाग के प्रो. श्वेता प्रसाद ने बताया कि प्रथमदृष्टया यही कहा जा सकता है कि परिवार के लोग बेटी के पैदा होने पर उसे रखना नहीं चाहते थे। सुरक्षित तरीके से बक्से में रखकर गंगा में छोड़ने के पीछे यही सोच रही होगी कि बच्ची किसी को मिले तो वह उसका लालन-पालन करे। बेटा-बेटी में भेदभाव की ऐसी मानसिकता से ऊपर उठने की जरूरत है।
