चीन में सामने आया ओमिक्रोन का पहला मामला

बीजिंग
कोरोना वायरस का नया वैरिएंट अबतक दुनियाभर के 50 से ज्यादा देशों तक पहुंच चुका है। चीन में भी इसका पहला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को तियांजिन की पोर्ट सिटी में इसका पहला मामला दर्ज किया गया है। तियांजिन स्वास्थ्य आयोग के निदेशक गु किंग ने एक साक्षात्कार में बताया कि नया वैरिएंट यूरोप से देश में आया है। बताया जा रहा है कि पहला संक्रमित पोलैंड का नागरिक है जो वारसा से यहां आया है। तियांजिन के जरिए चीन में प्रवेश करते समय इस शख्स में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। इसके बाद उसे क्वारंटीन किया गया और नमूनों की जांच की गई, जिसमें एसिम्पटोमेटिक केस के रूप में पहचान हुई। अब तक इस फ्लाइट में यात्रा करके आए किसी भी व्यक्ति में ओमिक्रोन के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में ओमिक्रान के प्रसार को रोकने के लिए तियांजिन अधिकारियों ने एक विशेष चिकित्सा दल के साथ एक विशेष उपचार क्षेत्र की भी योजना बनाई है।

सामुदायिक महामारी रोकथाम और नियंत्रण समूह के विशेषज्ञ वू हाओ ने बताया कि देश में ओमिक्रोन का प्रवेश डेल्टा वैरिएंट से थोड़ा अलग है। डेल्टा के पहले मामले की पहचान क्वारंटीन एंट्री स्पाट पर की गई थी, जो यह दर्शाता है कि चीन का वर्तमान महामारी निगरानी नेटवर्क अत्यधिक प्रभावी है। जब चीन में डेल्टा वैरिएंट मिला था तो इससे देश में दहशत पैदा हो गई थी। हाओ ने कहा, लेकिन अब अंतर यह है कि ओमिक्रान संस्करण बार्डर एंट्री क्वारंटीन स्पाट पर पाया गया है, जिससे पता चलता है कि हमारे महामारी की रोकथाम और नियंत्रण निगरानी नेटवर्क ने बहुत जल्द ही पहले मामले को पकड़ लिया है। इससे पहले चीन ने कहा था कि वह ओमिक्रोन से निपटने के लिए तैयार है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया, चीनी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के जू वेनबो के अनुसार, चीन में विकसित टीके नए वैरिएंट के खिलाफ काफी प्रभावी हैं, फिर भी बेहतर तरीके से निपटने के लिए देश में वैक्सीन विकास में तकनीकी आरक्षित तैयारी की है। चीन ने इसके खिलाफ अपनी पहली एंटीबाडी काकटेल थेरेपी को आपातकालीन मंजूरी भी दे दी है।

 

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