SIT का खुलासा: साजिश के तहत हुई लखीमपुर हिंसा कांड
लखीमपुर
लखीमपुर हिंसा कांड में एसआईटी की जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट में लखीमपुर हिंसा कांड को सोची समझी साजिश बताई गई है और इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी के खिलाफ दर्ज धाराएं भी बदल दी गई है। अब आशीष मिश्रा टेनी की मुसीबत बढ़ गए हैं क्योंकि इस धाराओं के तहत अब मंत्री के बेटे के खिलाफ हत्या का केस चलेगा।
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
केंद्र सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष
एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरा विपक्ष अब केंद्र सरकार और योगी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर मंत्री अजय मिश्र टेनी को बचाने के आरोप लगाए हैं। साथ ही अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की भी मांग की है।
जेल में बंद आरोपियों पर अब लगी ये धाराएं
जेल में बंद आरोपियों पर से धारा 279, 337, 338, 304 ए की धाराएं हटाई जा रही हैं और अब सभी आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने और अंग भंग करने की धाराएं बढ़ा दी गई है। जिनमें 120बी, 307, 34, 326 आईपीसी की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
SIT से जुडे़ मुख्य विवेचक विद्याराम दिवाकर ने कहा कि बारीकी से जांच करने पर साफ होता है कि यह मामला लापरवाही और उपेक्षापूर्वक गाड़ी चलाने का नहीं है, बल्कि सोची समझी साजिश के चलते भीड़ को कुचलने का प्रयास था। गाड़ी चलाने वाले की ओर से अंग भंग करने की साजिश रची गई थी। अब केस को परिवर्तन करते हुए हत्या और हत्या के प्रयास के साथ ही अंग भंग करने की धाराएं भी लगा दी गई है।
