आपसी सुलह और समझौते के आधार पर 1 हजार 894 प्रकरण निराकृत
मुरैना
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश सुबोध कुमार जैन के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला मुख्यालय मुरैना में 15 एवं तहसील मुख्यालय अम्बाह में 6, जौरा में 9 एवं सबलगढ़ में 8 इस प्रकार कुल 38 खण्डपीठों का गठन किया गया था। अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शरतचन्द्र सक्सेना ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में 3 हजार 555 प्रकरण रखे गये, जिनमें से कुल 628 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें समझौता के आधार पर 2 करोड़ 98 लाख 87 हजार 98 रूपये के अवॉर्ड पारित किये गये। इसी प्रकार प्रिलिटिगेशन के 2 हजार 806 प्रकरण रखे गये, जिनमें से 503 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें समझौता के आधार पर 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार 458 रूपये के अवार्ड पारित किये गये। नेशनल लोक अदालत में कुल 1 हजार 894 व्यक्ति लाभान्वित हुये और कुल समझौता राशि 4 करोड़ 95 लाख 1 हजार 556 रूपये है। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय मुरैना में कुल 80 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 51 प्रकरण भरण-पोषण संबंधी एवं 29 प्रकरण हिन्दू विवाह से संबंधित है। जिसमें से कई प्रकरणों में पुनर्मिलन कराया गया। दंपत्तियों ने आपसी विवाद को भुलाकर एक-दूसरे को माला पहनाई। लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा दंपत्तियों को पौधे वितरित कर भविष्य में सौहार्दपूर्ण रहने के लिये समझाकर घर भेजा गया।
