काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: रेवती नक्षत्र और श्लेषा नाड़ी में होगी धाम की प्रतिष्ठा, शास्त्रीय विचार के बाद निकाला मुहूर्त
वाराणसी
अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि मंदिर शिलान्यास का मुहूर्त निकालने वाले काशी के वैदिक विद्वान आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का मुहूर्त भी निकाला है। धाम का लोकार्पण 13 दिसंबर को रेवती नक्षत्र और श्लेषा नाड़ी में किया जाएगा।
आचार्य द्रविड़ ने बताया कि विक्रम संवत 2078, शालिवाहनशक 1943 शुक्लपक्ष दशमी तिथि पर सोमवार के दिन रेवती नक्षत्र एवं श्लेषा नाड़ी का काल बीस मिनट के लिए मिलेगा। भार्गव मुहूर्त के अनुसार शुभता से परिपूर्ण इस लघु काल खंड की शुरुआत अपराह्न 01 बजकर 37 मिनट पर होगी। समापन 01 बजकर 57 मिनट पर होगा। उन्होंने बताया कि सोमवार का दिन होने से काशी विश्वनाथ धाम प्रतिष्ठा महोत्सव दिन के आठवें होरा में करना सर्वोत्तम रहेगा। आठवां होरा चंद्रमा का है। अत: शिवमस्तक पर विराजमान चंद्रमा इस कार्य में सर्वश्रेष्ठ सहायक सिद्ध होंगे। इस तिथि पर एक महत्वपूर्ण योग भी बन रहा है। मातंग नाम के इस योग में किए जाने वाले कार्यों से कुल की अभिवृद्धि होती है।
उपरोक्त मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए प्रतिष्ठा महोत्सव से पूर्व कर्तव्य के रूप में संपादित किए जाने वाले कर्मकांड विधान की शुरुआत गत शुक्रवार को प्रात: 08:55 से 09:08 के मध्य आरंभ कर दिया गया था। उस दिन धनु लग्न में वर्गोत्तमांश में चंद्र होरा में किया गया था। शुक्रवार का दिन और शतभिषा नक्षत्र होने के कारण इस दौरान सौम्य योग बना। इस योग में किए जाने वाले धार्मिक कृत्य सौभाग्य बढ़ाने वाले सिद्ध होते हैं।
