होशंगाबाद इंडिया के बड़े टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप मे होगा विकसित, जानकारी के लिए बायोडायवर्सिटी ऐप

होशंगाबाद
जिले को इंडिया टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. प्रदेश में होशंगाबाद जिले की अपनी अलग एक पहचान है, जो कि पर्यटकों के लिए पचमढ़ी, चूरना, मढ़ई, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, तवा डेम, सेठानी घाट जैसे अन्य स्थान हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है. इसकी सुंदरता देखने प्रदेश ही नहीं देश के अन्य हिस्सों के लोग भी देखने पहुंचते हैं. वर्तमान में जिले में कई फिल्मों की शूटिंग के लिए भी लोगों को भा रहा है.

एक जिला एक उत्पाद के तहत होगा चयन
होशंगाबाद कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि जिले को मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर अभियान के तहत एक जिला एक उत्पाद में होशंगाबाद जिले को पर्यटन के चयन के तहत विकसित किया जाएगा. जिले में रचनात्मक रूप से पर्यटन को प्रमोट करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एकीकृत होशंगाबाद टूरिज्म प्लान बनाया गया है. पर्यटकों की सुविधा को केंद्र में रखकर विकसित किया जाएगा, जिससे विदेशों व दूसरे राज्यों से आने वाले सैलानियों को होशंगाबाद अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित हो. वहीं जिले के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का एक बेहतर विकल्प प्राप्त होगा.

पचमढ़ी, मड़ई, तवा में यह गतिविधियां प्रस्तावित
पचमढ़ी, मड़ई एवं तवा जैसे प्राकृतिक टूरिज्म स्पॉट्स में संचालित गतिविधियों के अलावा अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियां प्रस्तावित की गई हैं. पचमढ़ी आए पर्यटकों को अब सैर-सपाटा के लिए जिप्सी की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. पर्यटकों को टैक्सी बुकिंग के लिए बायसन लॉज नहीं आना होगा. चंपक लेक में वॉटर स्पोर्ट्स, कैंपिंग सुविधा के साथ ही पचमढ़ी में मोस्ट डिफिकल्ट मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जो पचमढ़ी से होते हुए मटकुली तक होगी. इसे अंतरराष्ट्रीय मैराथन कैलेंडर में शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे.

जानकारी के लिए बनायी जाएगी बायोडायवर्सिटी ऐप
इसके साथ ही फोरसिथ ट्रेल पर साइक्लिंग, पचमढ़ी बायोडायवर्सिटी उत्सव, स्टार गैजिंग, रूलर टूरिज्म, गोल्फ कोर्स का विकास, नीमघान एडवेंचर पैकेज एवं एमपीटी के होटल में रेशम के सूवनिर शॉप भी लगाई जाएंगी. मड़ई के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां पर्यटकों को टाइगर के अलावा एसटीआर अंतर्गत अन्य दुर्लभ वन्य प्रजातियों, जैविक विविधताओं के बारे में जानकारी मिल सकेगी. जैविक विविधता संबंधी समस्त जानकारियों के लिए एक बायोडायवर्सिटी ऐप भी बनाया जाएगा. मड़ई में रूलर टूरिज्म और कैंपिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के प्रयास होंगे. इसी तरह तवा क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स, मड़ई से तवा के बीच साइक्लिंग के साथ ही एक सर्किट बनाया जाएगा, जिससे पर्यटक तवा मढ़ई और तवा चुरना को आसानी से कवर करेगा.

शहर को बनाया जाएगा आदर्श पर्यटन स्थल
शहर में क्रमबद्ध रूप से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा. जिला धार्मिक केंद्रों के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है. होशंगाबाद के पावन सेठानी घाट में पुण्य सलिला मां नर्मदा की नियमित भव्य महाआरती के आयोजन के प्रयास किए जाएंगे, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक मां नर्मदा की आरती का लाभ ले सकें. शहर के सेठानी घाट, पर्यटन घाट सहित अन्य घाटों का भी कायाकल्प किया जाएगा.

सेठानी घाट को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ ही यहां आकर्षक फोकस लाइटिंग भी लगेगी. पर्यटन घाट को शीघ्र विकसित कर यहां अभिव्यक्ति मंच बनाया जाएगा, जहां पर स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे सकेंगे. हर्बल पार्क घाट को डेवलप कर जॉगर्स पार्क के रूप में बनाया जाएगा, जहां पर 800 मीटर का जोगिंग रूट होगा. साथ ही हर्बल पार्क घाट पर व्यू प्वाइंट का भी विकास किया जाएगा. साथ ही सलकनपुर देवी धाम, होशंगाबाद एवं बांद्राभान धार्मिक केंद्र को एकीकृत सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा. आदमगढ़ पहाड़ी एवं तिलक सिंदूर धार्मिक केंद्र टूरिस्ट सर्किट से जुड़ेंगे.

स्कूल ट्रिप्स को भी मिलेगा फायदा
जिले के लिए एक टूरिस्ट ऐप बनाया जाएगा, जिसमें पर्यटकों को एक ही स्थान पर सभी टूरिज्म स्पॉट्स के साथ ही विभिन्न केंद्रों पर आयोजित पर्यटन संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी. एमपी टूरिज्म के माध्यम से पर्यटन की मार्केटिंग की जाएगी. जिले में फिल्म टूरिज्म, वेडिंग टूरिज्म के साथ ही स्कूल ट्रिप्स को भी प्रमोट किया जाएगा. 52 वीक्स 52 इवेंट्स कैलेंडर जारी किया जाएगा. इसमें हर 1 सप्ताह में एक पर्यटन केंद्र पर वाटर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग, साइकिलिंग, मैराथन, बर्डवॉच जैसे इवेंट आयोजित किए जाएंगे.

अन्य स्थानों को भी जोड़ा जाएगा
पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी पर्यटन केंद्रों की जानकारी ले लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर (interpretation center) बनाने, आंवली घाट को टूरिज्म स्पॉट के रूप में डेवलप करने, रामजीबाबा समाधि स्थल ,गुरु शंकर शाह की समाधि, बांद्राभान, छोटी पहाड़ी को धार्मिक सर्किट से जोड़ने, फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नियमों में शिथिलता बरतने और उन्हें बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने.

जिले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम बनाने, आदि गुरु शंकराचार्य की मूर्ति स्थापित किए जाने के साथ ही कृषि टूरिज्म, एक्वा साइंस को बढ़ावा देने, घाटों पर नौका विहार, सोहागपुर की छेड़का गांव को रूलर टूरिज्म में शामिल करने, नर्मदा नदी के घाटों पर पंचकोसी परिक्रमा, मंगलवारा घाट पर स्वर्ण साई से लिखे गुरु ग्रंथ साहिब को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किये जायेंगे. डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्लान में शामिल कर उनका क्रियान्वयन किया जाएगा.

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