1301 कॉलेजों में चल रहे यूजी-पीजी में एडमिशन, छात्राओं ने गलत नाम-पते से भरे फॉर्म
भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग ने छात्राओं को प्रथम राउंड में निशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की है, जिसका छात्राओं ने बहुत गलत तरीके से फायदा उठाना शुरू कर दिया है। करीब पांच हजार छात्राओं ने फर्जी पंजीयन किया है। इन रजिस्ट्रेशन को फर्जी इसलिए कहा जा रहा है कि जब विभाग ने उनके एडमिशन की कवायद की तो कहीं नाम गलत मिले तो कहीं पते। यानि इन रजिस्ट्रेशन पर कोई एडमिशन नहीं हो रहा है। विभाग उक्त छात्राओं की तलाश करने में जुट गया है, ताकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सके।
प्रदेश के 1301 निजी और सरकारी कॉलेजों के यूजी-पीजी कोर्स में प्रवेश कराने के लिए विभाग वर्तमान में कॉलेज लेवल काउसंलिंग (सीएलसी) करा रहा है। इसमें शामिल होने छात्र-छात्राओं से नए पंजीयन के लिए 500-500 रुपए लिए जा रहे हैं।
विभाग ने प्रथम राउंड में छात्राओं के निशुल्क और छात्रों से 100 रुपए लेकर पंजीयन कराए थे। इसमें निशुल्क पंजीयन होने से करीब पांच हजार छात्राओं ने फर्जी पंजीयन किए हैं। फर्जी पंजीयन में छात्राओं का नाम और पता पूर्ण रुप से गलत निकला है। उक्त फर्जी पंजीयन के आंकड़े दिखाकर विभागीय अधिकारी अपनी पीठ स्वयं थपथपा रहे थे। कुछ कॉलेज संचालकों ने इसकी शिकायत विभाग में सोशल मीडिया के माध्यम से दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिये आगामी सत्र में प्रवेश के दौरान कुछ अल्प राशि रखी जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सके। दरअसल छात्रओं का पहला पंजीयन निशुल्क था इसलिए किसी ने ट्रायल के तौर पर तो किसी ने मजाक के रूप में गलत नाम और पते भरे।
प्रथम राउंड में दो लाख 28 हजार छात्रों के पंजीयन से विभाग को दो करोड़ 28 लाख रुपए मिले। इसमें 2 लाख 80 हजार छात्राओं का निशुल्क पंजीयन किया गया, जिसमें पांच हजार फर्जी पंजीयन शामिल हैं। दूसरे राउंड में 250 रुपए के पंजीयन से 79 हजार छात्रों से विभाग को एक करोड़ 95 लाख 70 हजार और 77 हजार छात्राओं से एक करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपये मिले। सीएलसी में यूजी-पीजी के करीब चालीस हजार पंजीयन से विभाग को 500 रुपए के हिसाब दो करोड़ अब तक मिल चुके हैं। वहीं 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू हो रहे पंजीयन में विभाग को दस लाख रुपए मिल चुके हैं। सवा आठ करोड़ विभाग को सिर्फ पंजीयन में ही मिल चुके हैं। अभी पंजीयन 10 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें विभाग को और आमदनी हो सकती है।
