बारिश की विदाई के साथ ही बंद हुए बरगी बांध के द्वार, बांध के कैचमेंट क्षेत्र में पानी की आवक कम
जबलपुर
बारिश की विदाई के साथ ही बरगी बांध के द्वार भी बंद कर दिए गए। बांध के कैंचमेंट एरिया में पानी की आवक न होने से बरगी बांध प्रबंधन ने रविवार की सुबह 11 बजे द्वार बंद कर दिए। मंडला सहित आस-पास के क्षेत्रों से कैंचमेंट एरिया में पानी की छिटपुट आवक को देखते हुए तीन गेट आधा-आधा मीटर तक खोले गए थे।
बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री अजय सूरे ने बताया कि बरगी बांध का अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर है। अभी भी बांध का जलस्तर 422.76 मीटर पर िस्थर है। वर्तमान में नहर व बिजली उत्पादन के लिए 292 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। यदि कैंचमेेंट क्षेत्र में पानी की आवक होती है तो गेट खोलने का निर्णय लिया जा सकता है।
विदित हो कि इस मानसून सीजन में पहली बार 17 सितंबर 2021 को बरगी बांध के 21 में से सात गेट आधा-आधा मीटर तक खोले गए थे। जिसमें से 19 हजार क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही थी। इसके बाद दो द्वार और खोल दिए गए। कुल नौ द्वार से पानी की निकासी की जाने लगी। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में पानी की आवक कम होेने पर चार द्वार बंद कर दिए गए। 23 सितंबर तक पांच द्वारों से पानी की निकासी की जाने लगी। 24 सितंबर को दो द्वार और बंद कर दिए गए। 23 सितंबर से 3 अक्टूबर 2021 की सुबह 11 बजे तक आधा-आधा मीटर तक खोले गए तीन द्वारों से पानी की निकासी की जाती रही। अब उन्हें भी बंद कर दिया गया है।
इस मानसून सीजन में कम बारिश होने के कारण बरगी बांध द्वार सीजन में एक ही बार खुल पाए। इसके पहले सभी 21 द्वार खोलकर पानी की निकासी की जाती रही है। विदित हो कि मानसून की बेरूखी से इस बार जबलपुर में करीब 25 इंच ही बारिश हुई है। जबकि औसतन 52 इंच तक बारिश रिकार्ड की जाती है।
