गणित की किताब में छिपा पिस्टल, सुल्तानगंज शूटआउट में मास्टरमाइंड ढेर

भागलपुर.

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद की राजनीति में पिछले पांच वर्षों के भीतर सत्ता, ठेके और बंदोबस्त पर नियंत्रण को लेकर चल रही वर्चस्व की लड़ाई धीरे-धीरे हिंसा और खूनी संघर्ष का रूप ले चुकी है। यही वजह है कि स्थानीय राजनीति में शह-मात का खेल अब सीधे अपराध और हमलों तक पहुंच गया है। इसी संघर्ष की परतें मंगलवार को हुए चर्चित शूटआउट और उससे जुड़ी पुरानी घटनाओं में साफ दिखाई देती हैं।

तीन साल पुरानी रंजिश से शुरू हुई थी कहानी
जानकारी के अनुसार, उप सभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव और उनके विरोधी गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चल रही थी। इस लड़ाई में रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू के बीच भी अंदरूनी राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते रहे। बताया जाता है कि इसी राजनीतिक खींचतान ने तीन साल पहले बड़े हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी।

2023 का जानलेवा हमला बना टर्निंग प्वाइंट
23 फरवरी 2023 को मुंगेर से आए शूटर प्रशांत मंडल और आनंद ने रामधनी यादव पर जानलेवा हमला किया था। यह हमला उस समय उनके घर के पास स्थित गिट्टी-छर्री बिक्री के प्लाट के पास हुआ था। बताया जाता है कि हमलावरों ने गणित की किताब में छिपाकर पिस्टल लाई थी। इस हमले में रामधनी यादव को गोली लगी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई थी।

शूटर की गिरफ्तारी से खुला था राज
हमले के तुरंत बाद शूटर प्रशांत मंडल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए थे, जिससे हमले की साजिश की परतें खुलने लगी थीं। कहा जाता है कि इसी दौरान रामधनी यादव गुट ने सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू और कनबुच्चा यादव पर भी संलिप्तता के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही राजनीतिक तनाव और गहरा गया।

बढ़ती दुश्मनी और बदलते समीकरण
सूत्रों के अनुसार, रामधनी यादव गुट को यह आशंका थी कि उनके खिलाफ साजिश में स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक गठजोड़ शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर राजकुमार उर्फ गुड्डू ने नगर परिषद की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। धीरे-धीरे बंदोबस्त और ठेका व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष और तेज हो गया।

कनबुच्चा यादव पर भी हुआ था हमला
पांच नवंबर 2023 को रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा यादव पर भी जानलेवा हमला हुआ था। यह हमला उनके घर में घुसकर किया गया था, जिसमें उन्हें गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया। हालांकि वह किसी तरह बच निकले थे। स्थानीय स्तर पर इस हमले को भी रामधनी यादव से जुड़ी पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा गया।

नगर परिषद की सत्ता में बढ़ता संघर्ष
नगर परिषद सुल्तानगंज में राजकुमार उर्फ गुड्डू के अध्यक्ष बनने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले। उस समय परिषद की राजनीति में राजकुमार, कनबुच्चा और रामधनी यादव के बीच त्रिकोणीय संघर्ष बन गया था। बंदोबस्त और ठेके के आवंटन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती गई, जिसने राजनीतिक विवाद को आपराधिक घटनाओं में बदल दिया।

मंगलवार की वारदात का पूरा घटनाक्रम
मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई गोलीबारी में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ कार्यालय पहुंचे थे और उन्हें पहले से जानकारी थी कि दोनों अधिकारी मौजूद हैं। हमले के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी किसी तरह बचकर बाहर निकल गए।

हमले में केवल सभापति थे निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों का मुख्य निशाना केवल सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे। कार्यपालक पदाधिकारी ने जब विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें भी गोली लग गई। बताया जाता है कि हमलावरों ने किसी और कर्मचारी को निशाना नहीं बनाया, जिससे यह साफ होता है कि हमला योजनाबद्ध और टारगेटेड था।

हमलावरों की रणनीति और भागने का तरीका
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कार्यालय से पैदल भागे और मुख्य सड़क पर पहले से खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें भागते हुए देखा, लेकिन किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं की। पुलिस को आशंका है कि हमलावर दियारा इलाके की ओर भागे हैं।

2023 की घटना में भी मिला था अहम सुराग
23 फरवरी 2023 के हमले में जब रामधनी यादव को गोली मारी गई थी, तब हमलावरों में से एक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी थीं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। बाद में मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन भी किया गया था।

पुलिस जांच में सामने आ रहे नए एंगल
पुलिस अब पूरे मामले को पुराने हमलों और राजनीतिक रंजिश से जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नगर परिषद की राजनीति में ठेके और बंदोबस्त को लेकर चल रही लड़ाई ने ही इस पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया है। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

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