तापमान बढ़ने से बैचेनी और उमस, शाम तक पड़ सकती हैं बौछारें
भोपाल
हवाओं का रुख बदलने से धीरे-धीरे मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है, रात का तापमान अब कम होने लगा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मंगलवार तक राजस्थान और उससे लगे प्रदेश पर एक प्रति चक्रवात बनने जा रहा है। इस सिस्टम के असर से वातावरण से नमी कम होने लगेगी। अगले सात दिनों में प्रदेश से मानसून की विदाई हो सकती है। चला चली की बेला में लोकल सिस्टम डेवलप होने से राजधानी और उसके आसपास शाम के समय कहीं-कहीं बौछारें पड़ने के आसार हैं। अगले 24 घंटों के बारे में मौसम विभाग का अनुमान है कि ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं।
बड़ी झील का पेट पूरी तरह से भर चुका है और इसका वाटर लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया है लेकिन उसके बाद भी अभी तक भदभदा डेमके गेट नहीं खोले गए हैं। इससे पहले तो जब यह लेवल जैसे ही 1666.50 फीट को क्रास करता था तो गेटों को खोलने का सिलसिला शुरू हो जाता था।
भदभदा डैम प्रभारी एमएल पंवार ने बताया कि गेट खुलने की उम्मीद नहीं है। फिर भी अलर्ट है। यदि पानी और बढ़ता है तो गेट खोल दिए जाएंगे। दरअसल, बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल पर आता है तो भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। वर्तमान में गेट से पानी रिस रहा है। यदि बारिश होती है तो गेट खुल सकते हैं।
बड़ा तालाब से शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में अबकी बार भी वाटर सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ महीने बाद तालाब लबालब हो पाया है। पिछले साल 22 जुलाई को ही डैम का लेवल फुल टैंक हो चुका था। इस समय अगर राजधानी और सीहोर एरिया में पानी गिरता हैतो इन गेटों को खोला जाएगा। अभी बड़े तालाब से आधे भोपाल को पानी की सप्लाई की जाती है जिसमें बैरागढ़, भौरी, ईएमई सेंटर से जुड़ा एरिया है।
