अंबिकापुर मे तीहरे हत्याकान्ड से मुख्यमंत्री खफा
रायपुर
अंबिकापुर जिले के ग्राम लैंगा मे बुधवार की रात मे हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यो की हत्याकाड पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताते हुए आला आफसरो की समीक्षा बैठक ली जिसमे राज्य की कानून व्यवस्था पर उन्होने भडास निकाली।
अंबिकापुर जिले में हुए इस तीहरे हत्याकाड की जैसे ही जानकरी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मिली इस पर नाराजगी जताई और लॉ एंड आर्डर की स्थिति को देख भड़क उठे। उन्होंने सरगुजा आईजी और एसपी को आरोपियों की हो जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एसीएस होम सुब्रत साहू और इंटेलीजेंस चीफ डाक्टर आनंद छाबड़ा के साथ समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लैंगा में बुधवार की देर रात एक ही परिवार के 3 लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। मृतकों में चन्द्रिका सिरदार (10 वर्ष), उसकी मां कलावती (27 वर्ष) और मेघु राम (50 वर्ष) शामिल है। इस हत्याकाड के बाद से पूरे गांव में दहशत जदा है।वहीं पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। सरगुजा पुलिस कप्तान अमित तुकाराम कामले ने घटनास्थल पर पुलिस टीम के साथ स्वंय ने जाच का मोर्चा सम्हाल रखा है। प्रथम दृष्टी मे हत्या की यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश या चोरी की वारदात से जुडी हुई लग रही है।
जानकारी के मुताबिक उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लैंगा के चट्टीपारा में गुरुवार की सुबह जब लोग उठे, तो नाबालिग चंद्रिका का शव खून से लथपथ हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला. उससे कुछ कदम की दूरी पर 50 वर्षीय वृद्ध का शव भी रक्तरंजित अवस्था में घर के बाहर पड़ा शव मिला। घर के अंदर 27 वर्षीय महिला का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। सभी की किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है। लोगो ने बताया कि कलावती के पति भजन ने 2-3 वर्ष पूर्व जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। तबसे उसकी पत्नी अपने बच्चे के साथ गांव में रहकर जीवनयापन कर रहे थी. मेघु के 3 पुत्र और हैं जिसमें बनारसी, पीला और बिशुन जो एक ही गांव में अलग-अलग घरों में रहते हैं. हत्या की वजह क्या है, अभी साफ नहीं है।
