चीन बना रहा भारतीय बॉर्डर के पास शिनजियांग और तिब्बत में कई एयरपोर्ट्स

बीजिंग
लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत के साथ सीमा विवाद के बीच चीन ने अपनी सेना को मजबूत करने का काम तेज कर रखा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिअटर कमांड के लिए 30 एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। यही कमांड भारत के साथ जुड़ी सीमा पर निगरानी रखता है और ये एयरपोर्ट भी भारत से सटे इलाकों में बनाए जाने का प्लान है।

इनमें से कुछ बनकर तैयार हैं और इस्तेमाल भी किए जा रहे हैं जबकि बाकी निर्माणाधीन हैं। इनका अहम मकसद सैनिकों के मूवमेंट को तेज करने का होगा। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी स्टेट मीडिया ने इसे लेकर इस हफ्ते एक रिपोर्ट में दावा किया है। तिब्बत में बनने वाले तीन एयरपोर्ट लुंझे, टिंगड़ी और बुरांग काउंटी में हैं जो भारतीय सीमा के करीब हैं।

अगले साल ताशकुरगान में एक रणनीतिक एयरपोर्ट खुलेगा। यह पहला सुपर-हाई प्लैटू एयरपोर्ट होगा जो शिनजियांग के पामीर पठारी इलाके में खुलेगा। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान के पास चीन की सीमा पर होगा। तैयार होने के बाद यह वखान कॉरिडोर के पास होगा जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और ताजिकिस्तान को अलग करता है।

इस हफ्ते आई रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमावर्ती इलाकों में एयरपोर्ट खुलने से ट्रांसपोर्टेशन आसान हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 115 सैनिकों के साथ एक चार्टर्ड फ्लाइट तिब्बत शिगात्से हेपिंग एयरपोर्ट से चेंगडूड़ तक गई जिसके साथ 23 हवाई रूट्स आधिकारिक तौर पर खुल गए जिनसे नए रिक्रूट्स और पुराने सैनिकों को शिनजियांग और तिब्बत से लाया-ले जाया जा सकेगा। उरुमकी, काशगर, ल्हासा, शिगात्से और दूसरी जगहों से कोऑर्डिनेशन के बाद 23 रुट खोले गए और यिनचुआन, जियायुगुआन और झांगये से नगारी तक तीन अस्थायी रुट खोले गए हैं।

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