रविवि में त्रिवर्षीय जेम्स एवं जेमोलॉजी कोर्स में शुरू हुई प्रवेश की प्रक्रिया

रायपुर
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में जेम्स एंड ज्वेलरी पर 3 वर्षीय जेम्स एवं जेमोलॉजी कोर्स के लिए प्रवेश की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई हैं, इस दौरान छात्र-छात्राओं को विवि की वेबसाइट में जाकर आॅनलाइन प्रवेश लेना होगा और इसके लिए छात्र-छात्राओं को खुद यूजर आईडी और पासवर्ड बनाना होगा। प्रथम वर्ष में डिप्लोमा, द्वितीय वर्ष में एडवांस डिप्लोमा और तीसरे वर्ष में बी. वीओसी डिग्री प्रदान किया जाएगा। रविवि में इस पाठ्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने 5000000 का फंड अलग से जारी किया है।

रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि रविवि ने जेम्स एंड ज्वेलरी पर 3 वर्षीय जेम्स एवं जेमोलॉजी कोर्स शुरू करने के लिए 4 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया था और अगस्त महीने के आखिरी दिन यानी 31 अगस्त से प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए जो भी छात्र-छात्राएं प्रवेश लेना चाहते हैं उन्हें पीआरएसयूयूएनआईवी डॉट इन / पीआरएसयूएडीएम / लॉगिंन में जाकर आॅनलाइन फार्म भर अनिवार्यक् होगा। इसके लिए छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी दसवीं और बारहवीं की मार्कफीट सब्मिट करना अनिवार्य होगा। इसके बाद फार्म का प्रिंटआउट निकालकर रविवि में जमा करना होगा, उसके बाद विवि में प्रवेश दिया जाएगा। मालू ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को शुरू करने में रविकांत लुक्कड़ और प्रमित नियोगी  को अहम सहयोग रहा।

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण लाहोटी, प्रह्लाद सोनी, सह सचिव अनिल कुचेरिया ने बताया कि प्रथम वर्ष में दो सेमेस्टर होंगे जिसमें छात्रों को जेम कटिंग और पॉलिसिंग के बारे में पढ़ाया जाएगा। द्वितीय वर्ष में एडवांस डिप्लोमा के तहत 4 सेमेस्टर होंगे जहां जेम कटिंग और पॉलिसिंग के अलावा ज्वेलरी डिजाइन के बारे में जानकारी दी जाएगी और अंतिम वर्ष यानी तृतीय वर्ष में बी. वीओसी डिग्री के तहत 6 सेमेस्टर होंगे जहां छात्रों को जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्टी और प्रोफेशनल की जानकारी दी जाएगी।

जेम्स एंड ज्वेलरी पर त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम प्रारंभ होने से जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं राज्य में उपलब्ध खनिज संपदाओं की खोज भी हो सकेगी। वहीं कटिंग और पॉलिशिंग के साथ ज्वेलरी डिजाइनिंग का छत्तीसगढ़ में हब तैयार होगा और इस तरह पूरे विश्व के मानचित्र छत्तीसगढ़ अंकित हो जाएगा।

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