ड्रोन हमले से निपटने के लिए वायुसेना ने शुरू की तैयारी, खरीदेगी 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम 

नई दिल्ली
जम्मू में एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद वायुसेना ने सशस्त्र ड्रोन से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय वायुसेना ने 10 काउंटर मानव रहित विमान प्रणाली (सीयूएएस) प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रोजेक्ट के लिए वायुसेना ने सोमवार को रिक्वेस्ट फॉर इनफॉर्मेशन (आरएफआई) जारी किया है जिसके अनुसार एंटी-ड्रोन सिस्टम का मुख्य हथियार मेड इन इंडिया लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन होना चाहिए। दुश्मन ड्रोन को देखते ही तबाह कर देने वाले इस सिस्टम को वायुसेना विभिन्न एयरबेस पर तैनात करेगी। इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विक्रेताओं से एक मल्टी-सेंसर, मल्टी-किल समाधान प्रदान करने के लिए कहा है।

वाहनों से किया जा सकेगा संचालित आरएफआई में कहा गया है "मानव रहित विमानों के लिए नो-फ्लाई ज़ोन आसपास के वातावरण को न्यूनतम क्षति पहुंचाते हैं। यह प्रणाली ऐसी हो जो परिस्थिति को देखते हुए कम्पोजिट पिक्चर तैयार करे और उसके आधार पर अलर्ट जारी करे।"  हमले में लश्कर का हाथ अपने ठिकानों पर सिस्टम का उपयोग करने के लिए IAF ने अनिवार्य किया है कि सभी 10 काउंटर मानव रहित विमान सिस्टम (CUAS) पूरे देश में स्वदेशी वाहनों में कॉन्फिगर किए जाने की आवश्यकता है ताकि उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सके। सीयूएएस में वाहन से इंटीग्रल पावर सॉल्यूशन और छत/खुले मैदान पर माउंटिंग सहित सभी उप-प्रणालियों को हटाने का प्रावधान होना चाहिए। बता दें कि आतंकवादियों द्वारा जम्मू एयरबेस पर बम से हमला किया था। 

इस हमले में बम गिराने के लिए दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, जिससे एक इमारत को नुकसान पहुंचा और दो कर्मियों को चोट आई थी। हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी को इसमें पाकिस्तान से चलने संचालित होने वाले आतंकी संगठन का हाथ होने के सुराग मिले हैं।
 

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