जल संसाधन विभाग: 877 करोड़ के घोटाले में विभाग से मांगे और दस्तावेज
भोपाल
जल संसाधन विभाग की ओर से बिना काम के निर्माण एजेंसियों को 877 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान के मामले की जांच में पूर्व सीएस एम गोपाल रेड्डी जल्द ही भोपाल तलब किए जा सकते हैं। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने शुरू कर दी है। जांच में रेड्डी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में एक अफसर के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बाकी लोगों की भूमिका की वह जांच कर रही है।
ईओडब्ल्यू ने इस मामले में सिंचाई विभाग से और दस्तावेज मांग हैं। विभाग की ओर से ईओडब्ल्यू को कुछ दस्तावेज और अपनी जांच रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर ईओडब्ल्यू ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस घोटाले की पूरी जांच करने के लिए ईओडब्ल्यू ने अग्रिम भुगतान से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे हैं। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह यह दस्तावेज ईओडब्ल्यू को मिल सकते हैं।
इन दस्तावेंजों का अध्ययन करने के बाद यह तय होगा कि किसी किसी से पूछताछ करना है। इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव एम गोपाल रेड्डी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, ऐसे में उनसे पूछताछ की जा सकती है। एम गोपाल रेड्डी रिटायर होने के बाद प्रदेश छोड़कर चले गए थे। रेड्डी के अलावा भी कुछ अफसरों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
