प्रदेश में अंतरराज्यीय बस सेवा 31 मई तक स्थगित, महाराष्ट्र बॉर्डर सील
भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू है और 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरु होगी। हालांकि पॉजिटिविटी रेट घटकर 4.2 प्रतिशत पर पहुँच गई है, लेकिन संक्रमण फिर ना बढ़े इसके लिए लगातार सख्ती बरती जा रही है, ऐसे में अब मध्य प्रदेश सरकार ने पड़ोसी राज्यों के हालातों को देखते हुए यूपी समेत चार राज्यों की बसों की एंट्री पर लगी रोक को एक हफ्ते और बढ़ा दिया है।
मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया की राज्य में कोरोना वायरस के व्यापक संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए लोकहित के लिए महाराष्ट्र , राजस्थान , उत्तरप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की ओर जाने और वहां से आने वाली बसों का संचालन पूर्ण रूप से 31 मई तक स्थगित कर दिया गया है। स्थगन की अवधि 23 मई से बढ़ा कर 31 मई 2021 तक कर दी गई है।
परिवहन मंत्री राजपूत के निर्देश पर इस संबंध में चारों राज्यों के लिए पृथक-पृथक आदेश जारी किये गये है। सचिव राज्य परिवहन प्राधिकार एवं अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) मप्र अरविंद सक्सेना ने 23 मई को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार अंतरराज्यीय अनुज्ञाओं एवं अखिल भारतीय पर्यटक अनुज्ञाओं से आच्छादित मध्यप्रदेश राज्य की समस्त यात्री बस वाहनों का महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश की सीमा में प्रवेश तथा इन राज्यों के यात्री बस वाहनों का मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश 31 मई तक स्थगित किया गया है।
बता दे कि रविवार को होशंगाबाद जिले के एनआईसी कक्ष में नर्मदापुरम संभाग के तीनों जिले बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद में कोविड की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों से कोरोना संक्रमण के बढ़ने का खतरा अधिक है। महाराष्ट्र की बॉर्डर को पूरी तरह सील रखें। इटारसी रेलवे स्टेशन पर भी टीम नियोजित रहे, जिनके द्वारा स्टेशन पर बाहर से आने वाले नागरिकों की सघन स्क्रीनिंग की जाए।
