भाजयुमो ने प्रदेश के सभी जिलों में पूर्व सीएम नाथ का किया पुतला दहन
भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के विरुद्ध अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराने भाजपा नेताओं ने आज थानों में जाकर शिकायती आवेदन दिया और कोरोना महामारी के दौरान अराजकता की स्थिति पैदा करने की उनकी कोशिश पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही भाजयुमो ने प्रदेश के सभी जिलों में पूर्व सीएम नाथ का पुतला दहन कर उनके विरुद्ध नारेबाजी की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए पांच से अधिक संख्या में एफआईआर दर्ज कराने और पुतला दहन में शामिल नहीं होने की बात कही है और इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन ने सभी जिलों के 1100 से अधिक थानों में आज नाथ के विरुद्ध एफआईआर कराने का फैसला लिया है। इसके लिए संगठन के निर्देश पर जिला मुख्यालयों में एफआईआर के लिए आवेदन दिए गए हैं। भाजपा ने नाथ के विरुद्ध एफआईआर कराने का फैसला उनके द्वारा इंडिया कोविड जैसे शब्दों का इस्तेमाल कराने के विरोध में कराई जा रही है। संगठन का कहना है कि ऐसे बयानों से देश की छवि धूमिल हुई है। इतना ही नहीं नाथ के आग लगाने वाले बयान को लेकर भी भाजपा ने अराजकता का माहौल बनाने के आरोप के साथ उन्हें घेरने के लिए थानों में आवेदन दिया है। नाथ के विरुद्ध क्राइम ब्रांच ने कल एफआईआर दर्ज भी की है। हालांकि जिलों से मिली सूचना के मुताबिक कई जिलों में पांच से अधिक युवाओं ने पुतला दहन कर नारेबाजी की है जिसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए हैं।
इन बयानों के कारण कर रहे विरोध
भाजपा ने कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने 22 मई शनिवार को अपनी प्रेस-कांफ्रेन्स में दिए गए उस बयान पर कार्यवाही की मांग की है जिसमें उन्होंने कहा कि दुनिया में जो कोरोना फैला हुआ है, अब उसे इंडियन वैरिएंट कोरोना के नाम से जाना जा रहा है। कमलनाथ ने यह भी कहा कि कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कोरोना को इंडियन वैरिएंट के नाम से पुकार रहे हैं। उन पर आरोप है कि ऐसे समय में कमलनाथ यह बोलकर जनता को भ्रमित कर रहे और देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रहे है।
उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों का भी उल्लंघन किया है। कमलनाथ का यह कृत्य भारतीय दंड विधान के अनुसार राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। इसके अलावा ज्ञापन में कहा गया गया कि कमलनाथ ने झूठा आरोप लगाया कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आंकड़ा छिपा रही है। उनका यह बयान जनता में भय उत्पन्न करने वाला है जो कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
