कोरोना रोधी टीकाकरण में दुनिया में भारत नम्बर वन

नई दिल्ली
कोरोना माहमारी की दूसरी लहर ने सबकी चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि जिस तेजी से प्रतिदिन संक्रमितों के आंकड़े आ रहे हैं उसने दुनियाभर में भारत को संक्रमण के मामले में नम्बर वन बना दिया है।

पिछले कई दिन से प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। दूसरी तरफ संतोष की बात यह है कि कोरोना रोधी टीकाकरण में भी भारत दुनिया में नम्बर वन है। यहां हर रोज औसतन तकरीबन 31 लाख टीके लगाए जा रहे हैं। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 33 लाख से ज्यादा टीके लगाए गए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कोरोना रोधी टीकाकरण में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया में सबसे तेज टीकाकरण वाला देश बन गया है। भारत में रोजाना औसतन 30,93,861 खुराकें दी जा रही हैं। देश में अब तक कोविड-19 टीके की 8.70 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। सुबह सात बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल 13,32,130 सत्रों में टीके की 8,70,77,474 खुराकें दी जा चुकी हैं।

सरकार 11 अप्रैल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उन सरकारी एवं निजी कार्यस्थलों पर कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति देगी जहां करीब 100 पात्र लाभार्थी होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र में 45 वर्ष से अधिक उम्र की काफी आबादी है और कार्यालयों या निर्माण एवं सेवा में औपचारिक व्यवसाय में शामिल है।

 

 

 

भूषण ने पत्र में कहा इस आबादी तक टीकों की पहुंच बढ़ाने के क्रम में कोविड-19 टीकाकरण सत्रों को मौजूदा कोविड टीकाकरण केंद्र के साथ जोड़कर उन कार्यस्थलों (सरकारी एवं निजी दोनों) में आयोजित किया जा सकता है जहां करीब 100 पात्र एवं इच्छुक लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य कार्यस्थलों पर टीकाकरण शुरू करने की तैयारी के लिए निजी/सरकारी क्षेत्र के  नियोक्ताओं एवं प्रबंधन से उचित विचार-विमर्श कर सकते हैं।

दिशा-निर्देशों के मुताबिक कार्यस्थल पर टीकाकरण के लिए केवल 45 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारी टीकाकरण के लिए पात्र होंगे और पात्र परिवार के सदस्यों समेत किसी बाहरी व्यक्ति को टीकाकरण की अनुमति नहीं होगी। सरकारी कार्यस्थल में प्रत्येक कोविड टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) को मौजूदा एवं पास के सरकारी अस्पताल में सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा, जबकि निजी कार्यस्थल में प्रत्येक सीवीसी को मौजूदा एवं पास के निजी अस्पताल के सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा।

 

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