आत्मनिर्भर MP की ओर सरकार के कठोर और सधे कदम, कोकाकोला से वापस ली जमीन

भोपाल
मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिवराज सरकार ने पूरी कमर कस ली है। इसके लिए अगर सख्ती भी करनी पड़ रही है तो सरकार हर स्तर पर तैयार है। प्रदेश में प्लांट लगाने के नाम पर जमीन लेकर काम शुरु करने में अब बहाना बनाने वाली कंपनियों को सरकार ने अल्टीमेटम दे दिया है। काम शुुरु करो या जमीन सरेंडर। ऐसा ही एक एक्शन प्रदेश सरकार ने मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला के खिलाफ लिया है।

दरअसल, कोका कोला कंपनी प्लांट लगाने के नाम करीब 6 साल से हीलाहवाली का काम रही थी। मध्य प्रदेश सरकार ने अब होशंगाबाद जिले में कोका कोला के प्लांट की लीज रद्द कर दी है। सरकार ने करीब छह साल पहले होशंगाबाद के मोहसा गांव में 750 करोड़ रुपये का प्लांट लगाने के लिए कोका कोला कंपनी को 110 एकड़ जमीन आवंटित की थी। लेकिन कंपनी ने लचर रवैये के चलते अब मध्य प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने लीज रद्द कर दी है। हालांकि कंपनी ने भी लीज रद्द होने के बाद तुरंत जमीन भी सरेंडर कर दी है।

2016 में की अलॉट
औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने लीज के मानदंडों को पूरा नहीं किया। 2016 में जमीन के आवंटन के पांच साल के भीतर काम शुरू करना था लेकिन कंपनी ने कुछ नहीं किया इसलिए सरकार ने अब कंपपी की लीज को रद्द कर दिया है। कंपनी लंबे समय से प्लांट लगाने के नाम पर अटकाने का काम रही थी।

कंपनी को होगा नुकसान  
लीज रद्द होने के बाद कोका कोला कंपनी को बडा नुकसान उठाना पड़ सकता है। करार के अनुसार काम न करने पर कंपनी को हर्जाना चुकाना होगा। जमा की गई सेक्यूरिटी अमाउंट में से कंपनी को 10 प्रतिशत प्रति साल काटकर ही रिफंड मिलेगा। इसके साथ ही अन्य अनिवार्य शुल्क भी भरने होंगे।   

कई अन्य कंपनियां भी निशाने पर आर्इं
प्लांट के नाम पर प्रदेश के अलग अलग जिलों में जमीन लेने के बाद काम शुरु नहीं करने वाली कई अन्य कंपनियां भी सरकार के निशाने पर हैं। ऐसी करीब आधा दर्जन कंपनियों को सरकार ने नोटिस थमा दिए हैं जो जमीन लेने के बाद काम शुरु करने में समय लगा रही हैं। इसके पहले सरकार रिलायंस से भी सभी जमीन वापस ले चुकी है।    

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