वन्यजीवों की अंतिम गणना 2018 में की गई – वन मंत्री
रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दूसरे दिन विधायक लखेश्वर बघेल ने कांगेर वैली नेशनल पार्क में वन्य जीवों की गणना का मामला उठाया। जिसके जवाब में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि वन्यजीवों की अंतिम गणना 2018 में अखिल भारतीय बाघ आंकलन के माध्यम से की गई थी।
बघेल ने वन मंत्री से तारांकित प्रश्नोत्तर के माध्यम से सवाल किया कि कांगेरवैली नेशनल पार्क बस्तर में गणनानुसार वर्ष 2018 की स्थिति में कौन-कौन से वन्यजीव थे तथा उनकी संख्या कितनी थी। जवाब में मो. अकबर ने बताया कि वर्ष 2018 की स्थिति में भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में वन्य प्राणियों की उपस्थिति-अनुपस्थिति दशार्यी जाती है। रिपोर्ट में प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र में पाए जाने वाले समस्त वन्य प्राणियों की संख्या प्रकाशित नहीं की जाती है। बल्कि लैंडस्केप के अनुसार वन्य प्राणियों की उपस्थिति-अनुपस्थिति दशार्यी जाती है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की रिपोर्ट को सेंट्रल इंडिया एंड ईस्टन घाट लैंडस्केप के रिपोर्ट के साथ प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, जंगली सूअर, भेडि?ा, गीदड़, चौसिंघाया, कोटरी, चीतल, लंगूर एवं बंदर की उपस्थिति कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पाई गई हैं।
लखेश्वर ने वन मंत्री से पूछा कि वन्यजीवों की अंतिम गणना कब की गई है व उस समय उनकी संख्या क्या थी? के जवाब में अकबर ने सदन को बताया कि वन्यजीवों की अंतिम गणना वर्ष 2018 में अखिल भारतीय बाघ आंकलन के माध्यम से की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, जंगली सूअर, भेडि?ा, गीदड़, चौसिंघाया, कोटरी, चीतल, लंगूर एवं बंदर की उपस्थिति कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पाई गई हैं। वन्यजीवों के संरक्षण व संवर्धन के लिए क्या-क्या किए जा रहे के सवाल के जवाब में वन मंत्री ने बताया कि कांगेर वैली नेशनल पार्क में वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चारागाह विकास, जलस्रोत विकास लेन्टाना उन्मूलन आदि कार्य किए गए हैं।
