पोर्टल पर फीस अपलोड नहीं करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता की जाए रद्द

जबलपुर। कोविड संक्रमण कम होते ही खुले निजी स्कूलों के बाद अभिभावकों की परेशानी अब बढ़ती हुई नजर आ रही है। नियमों को दरकिनार कर मनमानी कर रहे निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उतरे अभिभावकों ने अपनी समस्याओं का पिटारा जबलपुर प्रवास पर आए राष्टÑीय बाल अधिकारी संरक्षण आयोग के राष्टÑीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के सामने खोला। इन मांगों को भी रखा सामने काननूगो से अभिभावक जन कल्याण संघ मप्र के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पटेल सहित 40 से अधिक अभिभावकों ने उनसे मुलाकात कर बताया, कि आगामी सत्र 2022-23 में स्कूल की लगने वाली बुक तथा ड्रेस में परिवर्तन न किया जाए। वार्षिक परीक्षा एवं शिक्षा से वंचित करने वाले स्कूलों पर बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत अपराधिक मुकदमा कायम किया जाए। जैसी मांग रखते हुए निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा परेशान किए जाने की जानकारी भी दी गई। अभिभावकों ने बताया, कि मनमानी कर रहे निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने से लगातार इनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं। अभिभावक खुलकर शिकायत करने में इसलिए डरते हैं, कि उनका बच्चा उस स्कूल में अध्ययनरत होता है। ऐसे कई मामलों में यह भी देखने आया है, कि शिकायत के बाद स्कूल से बच्चे को टीसी देकर निकाल दिया है। लिहाजा अभिभावकों में जमकर आक्रोश पनप रहा है।

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