संरक्षित वन क्षेत्र: हजारों एकड़ जमीन राजस्व को ट्रांसफर

भोपाल
वन विभाग ने प्रदेश के दर्जनों गांवों को संरक्षित वन क्षेत्र से बाहर कर दिया है। अब वहां ग्रामीण रहवासियों के लिए होने वाले विकास कार्य आसानी से हो सकेंगे। वन विभाग ने पन्ना, छतरपुर सहित कई जिलों के संरक्षित वन क्षेत्र की हजारों एकड़ जमीन राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दी है। पन्ना जिले में पन्ना टाइगर रिजर्व में आने वाली नवीन झलार वन परिसर के सकरिया वनखंड की 221 हेक्टेयर जमीन राजस्व विभाग को दी गई है। केन्द्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पन्ना टाईगर रिजर्व के दायरे में आने वाली वन भूमि को राजस्व भूमि में परिवर्तित करने के लिए  यहां के ग्राम झालर-खमरिया, गंगउ, सकरा के बसाहट की वन भूमि का निर्वनीकरण कर दिया गया है।

पन्ना टाईगर रिजर्व में वन परिसर पुखरा के  ही उर्दना वनखंड की 63.92, उर्दना और फूटीझीर वनखंड की 315.59 हेक्टेयर जमीन भी राजस्व भूमि में बदल दी गई है। छतरपुर जिले में चंद्रनगर वन परिसर की 250 हेक्टेयर भूमि को पन्ना टाईगर रिजर्व से बाहर कर दिया है। इससे रैपुरा-चनारी, मोटाचौकन गांव की वन भूमि राजस्व भूमि में परिवर्तित कर दी गई है। छतरपुर जिले के गंगवाहा वन परिसर के बेड़री वन मंउल की 250 हेक्टेयर भूमि पन्ना टाईगर रिजर्व से बाहर कर  रैपुरा-चनारी, मोटाचौकन के बसाहट स्थल की जमीन को राजस्व भूमि में बदला गया है।

यहां लगेंगे जंगल, बनेगा वन क्षेत्र
पन्ना जिले के आरक्षित वनखंड पीपरटोला आई, सूरजपुरा संरक्षित वनखंड की पड़त भूमि और वन भूमि को आरक्षित वन बनाया जाएगा। यहां की कुल 94.748 हेक्टेयर जमीन अब संरक्षित वन के दायरे में आएगी। पन्ना जिले में पीपरटोला जे आरक्षित वन खंड की 129.810 हेक्टेयर जमीन, इसी जिले में पीपरटोला एच वनखंड की 158.317 हेक्टेयर जमीन, पीपरटोला के एलएम वनखंड की 358 .079 हेक्टेयर जमीन, पीपरटोला एन वनखंड की  454.562 हेक्टेयर जमीन, पीपरटोला ओ वनखंड की 63.174 हेक्टेयर जमीन  संरक्षित वन क्षेत्र में बदली जाएगी।

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