टूटा दो दशकों का रिकॉर्ड, क्यूमलोनिंबस बादलों ने कराई भारी वर्षा और वज्रपात
पटना
क्यूमलोनिंबस बादलों के अत्यंत प्रचंड रूप धारण करने की वजह से शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात राजधानी व इसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश और प्रचंड वज्रपात की स्थिति देखी गई। मौसम विभाग की ओर से इन बादलों के उग्र होने का पहले से आंशिक अनुमान था लेकिन यह इतने प्रचंड हो जाएंगे ऐसा किसी ने नहीं सोचा था। यही वजह रही कि रात एक बजे के आसपास जब रडार पर इसके संकेत मिले तो मौसम विभाग के आला अधिकारी जाग गए। तत्काल सभी संसाधनों के जरिए इसका अलर्ट जारी किया गया। देखते-देखते स्थिति गंभीर होती गई और बादलों ने बारिश का दो दशक से अधिक का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अलर्ट की स्थिति ऐसी बनी कि बारिश और वज्रपात की स्थिति को लेकर सरकार के कई विभागों के अधिकारी रात भर मौसम विज्ञान केंद्र पटना से संपर्क में रहे। पटनावासियों के साथ-साथ इन अधिकारियों का भी रतजगा तब तक चलता रहा जबतक मौसम की स्थिति थोड़ी बेहतर नहीं हो गई।
हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से आपदा विभाग व अन्य विभागों को यह आश्वस्त कर दिया गया था कि वज्रपात और बारिश की यह स्थिति ज्यादा देर तक रहने वाली नहीं हैं क्योंकि ज्यादा देर तक इन बादलों को बरसने के लिए जिस मौसम सिस्टम की मदद चाहिए होती है वह अभी सूबे में कहीं नहीं हैं।
