संविदाकर्मियों को लॉकडाउन का भी वेतन, डॉक्टर से लेकर चपरासी तक मानदेय बढ़ा: नीतीश सरकार का ऐलान

पटना 
कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने को बिहार में लॉकडाउन लगा है। सरकारी कर्मचारियों को भी सीमित संख्या में कार्यालय बुलाया जा रहा है। ऐसे में हजारों सरकारी कर्मचारी कार्यालय आने में असमर्थ रहे हैं। इस कारण से नियमित कर्मियों के साथ ही संविदा और एजेंसी के जरिए कार्यरत कर्मचारियों की भी हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी है। राज्य में ऐसे कर्मचारियों की कुल संख्या 12 लाख से अधिक है, जिसमें 3.44 लाख नियमित कर्मी हैं। सरकार ने ऐसे सभी कर्मचारियों को मई का वेतन देने का फैसला लिया है। मंगलवार को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया। 

इस संबंध में वित्त विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह की ओर से सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम और कोषागार पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि कोविड-19 के संदर्भ में राज्य में लॉकडाउन की स्थिति में नियमित, संविदा तथा एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मियों का मई 2021 का वेतन भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि मार्च, अप्रैल, मई और जुलाई 2020 में लिए गए निर्णय को आधार मानते हुए इस बार भी लॉकडाउन में मई महीने का पूर्ण वेतन व मानदेय देने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि राज्य में 05 मई से एक जून 2021 तक लॉकडाउन लागू है। 

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