अच्छी खबर : भारत में खाद्यान्न उत्पादन 30 करोड़ 54.3 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर

नई दिल्ली
 महामारी कोरोना वायरस के बीच एक अच्छी खबर है। इस साल भी देश के अन्न भंडार भरे रहने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय ने कहा कि भारत का खाद्यान्न उत्पादन चालू फसल वर्ष 2020-21 में 2.66 प्रतिशत बढ़ कर 30 करोड़ 54.3 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। पिछले साल अच्छी मानसून की बारिश की वजह से तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक इस वर्ष खाद्यान्न, चावल, गेहूं, मक्का, चना, मूंगफली, दालों और सरसों में रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है।

किसानों का अथक प्रयास, कृषि वैज्ञानिकों का योगदान
कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ने 2020-21 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है। कुल खाद्यान्न उत्पादन 30.544 करोड़ टन रहने का अनुमान है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हमारे किसान भाइयों और बहनों के अथक प्रयासों, कृषि वैज्ञानिकों के योगदान, भारत सरकार की नीतियों और राज्य सरकारों से मिले बेहतर सहयोग और समन्वय के चलते यह सकारात्मक स्थिति बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जोर कृषि क्षेत्र के विकास पर है। विभिन्न फसलों के उत्पादन का आकलन राज्यों से मिले आंकड़ों पर आधारित है और अन्य स्रोतों से उपलब्ध जानकारी से इसका सत्यापन किया गया है।

पिछले साल की तुलना में 79.4 लाख टन ज्यादा
आंकड़ों के अनुसार, कुल खाद्यान्न उत्पादन 30.54 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2019-20 की तुलना में 79.4 लाख टन ज्यादा है। 2020-21 के दौरान उत्पादन पिछले पांच वर्षों (2015-16 से 2019-20) के औसत खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 2.666 करोड़ टन ज्यादा है। चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 12 करोड़ 14.6 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 11 करोड़ 88.7 लाख टन था। वहीं गेहूं का 10.87 करोड़ टन के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान है। इसके अलावा मक्का में 3.024 करोड़ टन, चना में 1.26 करोड़ टन, मूंगफली में 1.01 करोड़ टन और सरसों में 0.999 करोड़ टन उत्पादन होने का अनुमान है, ये सभी नये रिकॉर्ड स्तर हैं।

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