ओमिक्रॉन से आगे क्या हो सकते हैं हालात, चार वैज्ञानिकों ने अभी ही बताया

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के 63 से अधिक देशों में फैलने के बीच वैज्ञानिक इससे उत्पन्न होने वाली भावी परिस्थितियों और चुनौतियों का अनुमान लगाने में जुट गए हैं। ओमीक्रोन से दुनियाभर में अभी केवल एक मौत ब्रिटेन में दर्ज की गई है। लेकिन इससे डर का आलम यह है कि दुनिया के कई देश बचाव के लिए बूस्टर टीका लगाने का अभियान चला रहे हैं।

दो जीव वैज्ञानिकों-केपटाउन यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डेरेन मार्टिन और टेंपल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सर्जेई पोंड ने ऑनलाइन चर्चा के दौरान ओमिक्रॉन  संक्रमण को लेकर एक अनुमानित खाका पेश किया। इसमें बताया गया कि नए वेरिएंट के कारण आगामी दिनों में किस तरह के हालात बन सकते हैं। इस अनुमान का आधार है-प्रतिरोधकता। वायरस में कितना म्यूटेशन या बदलाव होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी चपेट में आने वालों में कितनी प्रतिरोधकता है या उसे किस तरह के अन्य प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन को लेकर चार तरह के परिदृश्य का अनुमान लगाया है।

शून्य प्रतिरोधकता

प्रतिरोधकता के अभाव में ओमिक्रॉन बिना किसी दबाव के फैलेगा जैसे कि शुरुआती दिनों में कोरोना वायरस फैल रहा था। लेकिन अब ऐसी परिस्थिति नहीं है, क्योंकि दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो चुके हैं या टीका लगवा चुके हैं। इस स्थिति में ओमिक्रॉन के दुनियाभर में ठीक उसी तरह फैलने की आशंका नहीं है, जैसे कि चीन के वुहान में सबसे पहले मिला कोरोना वायरस फैल रहा था।

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