‘विजय दिवस’ के साथ अपने घर को लौटेंगे किसान, दिल्ली की सीमाओं से उखड़ रहे टेंट
नई दिल्ली।
दिल्ली की सीमाओं पर बीते करीब एक साल से आंदलन कर रहे किसान अब अपने-अपने घर वापस जाने की तैयारी में हैं। वे आज 'विजय दिवस' भी मनाएं और अपने-अपने घरों को लौट जाएंगे। आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा उनकी अन्य मांगों को मानने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा है कि किसान शनिवार को देश भर के सभी बॉर्डर पॉइंट, टोल प्लाजा और विरोध स्थलों पर विजय मार्च निकालेंगे। इसके बाद वे अंत में साल भर के विरोध प्रदर्शन के समापन के अवसर पर घर लौट जाएंगे। रिपोर्टों के अनुसार, किसानों ने पहले 10 दिसंबर को विजय दिवस मनाना तय किया था। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के निधान के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। शुक्रवार को सीडीएस रावत का अंतिम संस्कार किया गया।
दिल्ली के सिंघू और गाजीपुर बॉर्डर खाली करने के लिए किसानों ने गतिविधि शुरू कर दी है। वे ट्रकों और ट्रैक्टरों में अपने घरों के लिए निकलने की तैयारी पूरी करने में व्यस्त हैं। किसानों के अनुसार, यूपी गेट को 15 दिसंबर तक पूरी तरह से खाली कर दिया जाएगा।
अराजकता से बचने के लिए, किसानों ने शनिवार की सुबह सभी को एक साथ नहीं छोड़ने का फैसला किया है। उनमें से कुछ अभी रहेंगे और अधिक वाहनों के आने की प्रतीक्षा करेंगे। पंजाब के अमृतसर के एक किसान ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "बड़े टेंटों को नष्ट होने में एक या दो दिन लगेंगे और हमें अपना सामान वापस लेने के लिए कम से कम दो ट्रकों की आवश्यकता होगी।"
