कॉलेजों के लिए फीस बढ़वाना आगामी सत्र में मुश्किल
भोपाल
कॉलेजों के लिए फीस बढ़वाना आगामी सत्र में मुश्किल होने वाला है। दरअसल कॉलेजों में कोरोना काल के दौरान प्रोफेसर्स को 80 प्रतिशत तक सेलरी कम दी है। यह कटौती उनकी बैलेंस शीट पर भी दिखेगी। लेकिन जब यह बैलेंस शीट फीस कमेटी में जाएगी तो कॉलेज के खर्चे कम दिखेंगे। ऐसी स्थिति में कॉलेज संचालक बढ़ी हुई खर्चे की दलीलें नहीं दे पाएंगे और फीस बढ़ाने की डिमांड नहीं कर सकेंगे क्योंकि फीस खर्चे को देखते हुए बढ़ाई जाती है। प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति अगले साल प्रदेश के सभी निजी इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, बीएड और विधि कालेजों की आगामी सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की फीस निर्धारित करेगा। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। कोरोना संक्रमण ने कालेजों को काफी आर्थिक क्षति हुई है, जिसके कारण कालेजों की फीस में बढ़ोतरी होने के कम आसार दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश में विगत दो सालों से करोना संक्रमण का प्रकोप बना हुआ है। इसके चलते कालेज संचालकों ने प्रोफेसर के साथ अपने स्टाफ को काफी हद तक कम किया है। जबकि उन्होंने विद्यार्थियों से फीस लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद जो स्टाफ मौजूद था। उनके वेतन में पचास से 80 फीसदी तक की कटौती की गई है। कोरोना काल की आड़ लेकर कालेज मालामाल जरूर हो गये हैं। वे भुगतान को छिपाने के लिये कोरोना काल की दुहाई जरूर देते रहते हैं। उनकी दुहाई फीस कमेटी में आगामी तीन सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की फीस निर्धारित कराने प्रस्तुत होने वाली बैलेंस सीट में दिखाई देंगे। ज्यादा आय और विद्यार्थयों को कोरोना काल में दी गई आनलाइन सेवाएं के तहत उनकी फीस में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही हैं।
14 को होगा बैठक में निर्णय
फीस कमेटी ने प्रदेश के सभी कालेजों की आगामी सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की फीस निर्धारित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत फीस कमेटी ने सभी सदस्यों के साथ 14 दिसंबर को बैठक रखी है। बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि कालेजों की फीस निर्धरित करने के लिए किस फार्मेट पर कार्य करना है। इसके साथ कोरोना काल में आफलाइन बैठक कराई जाये। पूर्व की भांति आनलाइन बैठक आयोजित कराई जाए। हालांकि शासन कोविड गाइडलाइन के तहत आफलाइन व्यवस्थाओं पर कार्य करने के निर्देश जारी कर रहा है।
