पेंशनरों की उपेक्षा चिंताजनक, दोनों राज्य सरकारों को जायज मांगो पर विचार करने की जरूरत है- केंद्रीय मंत्री कुलस्ते
रायपुर
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में रविवार को मदनमहल रेलवे स्टेशन के समीप गुप्तेश्वर मार्ग पर स्थित राममंदिर सभागार में आयोजित भारतीय राज्य पेशनर्स महासंघ से सम्बद्ध मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ संयुक्त राज्य पेंशनर्स महासंघ के महासम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं इस्पात राज्य मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य सरकारों द्वारा पेंशनरों की उपेक्षा चिन्ता जनक है और उन्हें पेंशनरों की जायज मांगो पर विचार करने की जरूरत है। पेंशनरों की मांगों पर उन्होंने दोनों राज्य सरकारों का ध्यानाकर्षित करने और मुख्य मांग धारा 49 को हटाने के मुद्दे पर कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया।
इस महासम्मेलन में दोनों राज्य सरकारों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 की छठवीं अनुसूची के प्रावधानों में दोनों राज्यों आपसी सहमति नहीं होने के कारण पेंशनरों को केन्द्र के समान महँगाई राहत नहीं दे रहे हैं, जबकि केन्द्र सरकार ने पेंशनरों को 31? प्रतिशत महँगाई राहत देने के आदेश किये हैं,परन्तु दोनों राज्य सरकारें मिलीभगत कर आपसी सहमति नही होने की बहाने बाजी कर केवल 12 प्रतिशत महंगाई राहत दे रही हैं। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सेवारत कर्मचारियों को दिये जा रहे 17 और मध्यप्रदेश सरकार के 20 महंगाई भत्ता से भी कम है।इसे लेकर महासम्मेलन में दोनों सरकार की खूब आलोचना की गई ।
महासम्मेलन में सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को हटाने की मांग को लेकर पेन्शनर दिवस 17 दिसम्बर को दोनों राज्यो के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन देंगे। माँगपूर्ती के अभाव में भोपाल में वल्लभ भवन तथा छत्तीसगढ़ में महानदी भवन के समक्ष जंगी प्रदर्शन कर मंत्रालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। दोनों राज्यों के इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव,छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर,भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रांतीय सचिव प्रदीप सोनी तथा बिलासपुर महानगर के अध्यक्ष यू के चौरसिया के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के पेंशनरों ने भाग लिया।
