अक्टूबर से इलेक्ट्रिक वाहनों की फास्ट चार्जिंग सर्विस, केंद्रीय मंत्री ने कहा- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीतियों का फायदा लें कारोबारी

गोवा
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उत्पादन की रफ्तार तेजी से बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में न सिर्फ कारोबारी सुगमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है बल्कि आने वाले दिनों में चार्जिंग की मुश्किलों को भी खत्म करने का फैसला लिया है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ने एक प्रोटोटाइप तैयार किया है। उम्मीद है 2022 के अक्तूबर महीने से फास्ट चार्जिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उत्पादन की रफ्तार तेजी से बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने सभी हितधारकों से संवाद के लिए गोवा में एक सम्मेलन आयोजित किया है। इसमें केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कारोबारियों से आह्वान किया कि वे तेजी से उत्पादन पर ध्यान दें।

टेस्ला समेत सभी कंपनियों का देश में स्वागत है : भारी उद्योग मंत्री ने कहा कि देश में टेस्ला समेत सभी कंपनियों का स्वागत है, भारतीय नियमों के दायरे में रहते हुए यहीं पर उत्पादन करें। इससे न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियां भी पैदा होंगी। देश की वाहन निर्माता कंपनियों को उनकी ताकत याद दिलाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सब कंपनियों के कारोबार की रफ्तार बढ़ाने की इच्छाशक्ति पर ही निर्भर है। उसमें कमी रह गई तो हालात बदलने मुश्किल हैं।

इस सम्मेलन में करीब 19 राज्यों के अधिकारी और असम, गोवा, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा समेत आठ राज्यों के ट्रांसपोर्ट मंत्री भी मौजूद थे। साथ ही उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यहां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े हितधारकों के बीच चर्चा का भी आयोजन किया गया है, जिसके निष्कर्ष के आधार पर भारी उद्योग मंत्रालय अपनी आने वाली नीतियों को कारोबारियों के लिए मुफीद बनाने का भी काम करेगा।

प्रदूषण को खत्म करने में अग्रणी बनेगा गोवा : सावंत
इसी सम्मेलन में गोवा की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पॉलिसी की जानकारी देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि आने वाले दिनों में गोवा में 500 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि राज्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने में अग्रणी बन सके। उन्होंने बताया कि अकेले इसी क्षेत्र से राज्य में 10 हजार से ज्यादा नए रोजगार पैदा होने की संभावना है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को ई-वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए गोवा बिजली परिवहन संवर्द्धन नीति-2021 का शुभारंभ किया।

ई-मोबिलिटी देश की जरूरत : अमिताभ कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने ई-मोबिलिटी को देश की जरूरत बताते हुए कहा कि आज दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर तमाम संभावनाएं हैं जिस तरह से कच्चे माल की कीमतें कम हो रही हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ी के बनाने का खर्च कम हुआ है, उद्योग जगत को आगे बढ़कर इसका फायदा उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कंपनियां इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कारोबार के लिए तैयार नहीं है या फिर डिजिटल नहीं हो रही है वह आने वाले सालों में बेहद कमजोर हो जाएंगी। यही नहीं, जिस तरह से 25 से ज्यादा राज्य इलेक्ट्रिक गाड़ियों की पॉलिसी लेकर आए हैं, यह काफी सराहनीय है। साथ ही भारी उद्योग मंत्रालय के तमाम नीतिगत फैसले भी कामयाब हो रहे हैं। उनके मुताबिक दुनियाभर में तमाम कार कंपनियों के हालात इलेक्ट्रिक गाड़ियों के आने से बिल्कुल बदल गए हैं। उनका न सिर्फ मुनाफा जबरदस्त हो गया है बल्कि पर्यावरण को भी फायदा हो रहा है। ऐसे में जो भी कंपनियां इस तकनीक के साथ आगे नहीं बढ़ती हैं वह निश्चित तौर पर पीछे रह जाएंगी।

वैश्विक प्रतिबद्धता पूरी होने के साथ प्रदूषण से राहत मिलेगी
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के प्रेसिडेंट और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से न सिर्फ वैश्विक प्रतिबद्धता पूरी होगी बल्कि भारत में प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्जिंग जैसी चुनौती से निपटना होता है। इससे सरकार और उद्योग जगत को मिलकर निपटने की जरूरत है।

आंकड़ों के मुताबिक, आज की तारीख में देश में पूरे ऑटो क्षेत्र का योगदान देश की कुल जीडीपी का 6.4 फीसदी है। वहीं टू-व्हीलर और थ्रीव्हीलर मैन्युफैक्चरिंग में दुनियाभर में सबसे आगे है। कार उत्पादन के मामले में भारत का दुनिया में पांचवा स्थान है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश का इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार 1.95 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का है। इसमें टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और बसों का प्रतिशत सबसे ज्यादा रहेगा।

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