स्पेशल विजिलेंस का मगध विश्वविद्यालय के कुलपति पर कसा शिकंजा, एजेंसी ने मांगे जवाब
बोधगया
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद स्पेशल विजिलेंस के निशाने पर हैं। कुलपति से जुड़े मामले की जांच तेज कर दी गई है। कुलपति के कई ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद अब स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से 12 सवालों का जवाब मांगा है। गुरुवार को विशेष निगरानी ने कुलसचिव को एक पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद कुलपति, मगध विश्वविद्यालय यूएस 120 (बी) के खिलाफ, 420 आईपीसी आर डब्ल्यू धारा 12 आर/डब्ल्यू 13(2) आर/डब्ल्यू 13 (1) (बी) पीसी अधिनियम 1988 की। जांच के उद्देश्य से निम्नलिखित तथ्यों का पता लगाना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय में 2018 से अब तक खरीदी गई पुस्तकों का विवरण क्या है, इस खरीद का फैसला किसने किया और इसके कारण क्या हैं? क्या संबंधित विभागाध्यक्ष से पुस्तकों की सूची मांग की गई थी, क्या लेखक या प्रकाशक के लिए कोई वरीयता थी, जिसे आपूर्ति के लिए वरीयता या चयनित किया गया था, क्या किताबें सिलेबस के अनुसार थीं। जब किताबें खरीदी गईं, प्राप्त कर विभिन्न महाविद्यालयों में भिजवाया गया। क्या खरीदी गई पुस्तकों की मांग थी, खरीद की कुल राशि क्या है, ऐसी खरीद को प्रभावित करने की प्रक्रिया क्या है। आपूर्तिकर्ता का नाम और उसे भुगतान की गई राशि का विवरण, पूरी फाइल जिसमें प्रस्ताव पर कार्रवाई की गई और बिलों को मंजूरी दी गई, खरीद में शामिल अधिकारियों के नाम और पदनाम उपलब्ध कराया जाये। बता दें कि इसी माह विशेष निगरानी इकाई ने एमयू कुलपति के आवास और कार्यालय में छापेमारी की थी। काली कमाई के मकड़जाल में फंसे वीसी प्रो राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारियों की कुंडली खंगालने में निगरानी के अधिकारी जुटे हैं। इस जांच से संबंधित निगरानी ने महत्वपूर्ण कागजात की मांग की है।
