रीवा कलेक्टर: सिर्फ दो घंटे बजा सकेंगे लाउडस्पीकर, सुप्रीम कोर्ट ने तय नहीं किया प्रतिबंध

रीवा
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर रीवा कलेक्टर इलैया राजा टी द्वारा जारी किया गया आदेश चर्चा में है। इस आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि जो लोग ध्वनि विस्तारक यंत्र उपयोग करना चाहते हैं, वे बगैर अनुमति इसका उपयोग नहीं कर सकेंगे। ये यंत्र परमिशन के बाद ही अधिकतम दो घंटे के लिए बजाए जा सकेंगे। इसको लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई तय की गई शर्तों का पालन नहीं करता है तो उसके द्वारा बजाए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र जब्त किए जाएंगे।

प्रदेश में इन दिनों वैवाहिक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है। साथ ही धार्मिक आयोजनों में भी लोग डीजे, माइक और लाउडस्पीकर का उपयोग करते हैं। सरकार ने पिछले दिनों जारी आदेश में इसकी छूट भी दे दी है लेकिन इस बीच रीवा कलेक्टर का 27 नवम्बर को जारी हुआ आदेश चर्चा में है। इसमें कहा गया है कि रात दस से सुबह 6 बजे के बीच आपात स्थिति को छोड़कर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर इस दौरान तीव्र संगीत नहीं बजाए जा सकेंगे। इसके अलावा सुबह 6 से रात दस बजे तक एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की अनुमति से ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाए जा सकेंगे लेकिन यह अनुमति दो घंटे से अधिक की नहीं होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोलाहल अधिनियम के पालन नहीं करने वालों को ध्वनि विस्तारक यंत्र जब्त करने की कार्यवाही अधिकारियों द्वारा की जा सकेगी। इस दौरान तय ध्वनि से अधिक तीव्रता वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।

इस आदेश की चर्चा इसलिए सबसे अधिक है क्योंकि जब ध्वनि विस्तारक यंत्रों के बजाने पर किसी तरह का प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट ने भी तय नहीं किया है, उस 16 घंटे की अवधि के लिए भी कलेक्टर ने समय सीमा तय कर दी है और सिर्फ दो घंटे की ही अनुमति का आदेश जारी किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *