खाली थे मुंद्रा बंदरगाह पर जब्त हुए कंटेनर, चीन किए गए थे रवाना: पाकिस्तान
इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि भारत में गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर भारतीय प्रशासन द्वारा जो कंटेनर जब्त किए गए, वे खाली थे ,लेकिन इससे पहले इनका इस्तेमाल चीन से कराची तक के-2 और के-3 परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए ईंधन ले जाने में किया गया था। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बताया, कराची परमाणु ऊर्जा संयंत्र के प्रशासन ने सूचित किया है कि 'खाली कंटेनर' चीन के लिए रवाना किए गए थे। शिपिंग दस्तावेजों में इन कंटेनर को गैर-खतरनाक घोषित किया गया था। के-2 और के-3 संयंत्रों में ईंधन का उपयोग अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा मानकों के तहत किया गया। भारत द्वारा इनमें रेडियोएक्टिव पदार्थ मिलने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है। बता दें कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने पाकिस्तान से आए एक मालवाहक जहाज से कुछ कंटेनर जब्त किए थे, जिनमें रेडियोएक्टिव पदार्थ पाया गया था।अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनामिक जोन (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि एक संयुक्त सीमा शुल्क और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने मुंद्रा पोर्ट पर एक विदेशी पोत से कई कंटेनर जब्त किए। घातक वस्तु होने के संदेह में इन कंटेनरों को जब्त किया गया। घातक वस्तुओं से युक्त इन कंटेनरों को पाकिस्तान के कराची से चीन के शंघाई भेजा जा रहा था। इन्हें मुंद्रा बंदरगाह पर नहीं उतारा जाना था।
भारत के सबसे बड़े बंदरगाह संचालक ने अपने बयान में कहा कि इन वस्तुओं को घातक सामान नहीं होने के तौर पर सचीबद्ध किया गया था। इनमें घातक श्रेणी-सात का पदार्थ था। यानी इनमें रेडियो एक्टिव सामग्री हो सकती है। एपीएसईजेड ने इसे लेकर कहा था कि इस कार्रवाई में उसने हरसंभव सहयोग किया है। शीघ्र और समन्वित कार्रवाई के लिए वह सीमा शुल्क विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय के कर्मियों को धन्यवाद देता है। अदाणी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा को बेहद ही गंभीरता से लेता है। वह इसे लेकर किसी भी तरह के समझौते की इजाजत नहीं देगा।
