कृषि कानून वापिस, अब 700 किसानों के बलिदान का मुआवजा दे सरकार: कांग्रेस
भोपाल
काले कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लेकर सरकार ने समझदारी का कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि अगर यही फैसला 8 महीने पहले लिया गया होता तो ना तो 700 किसान बलिदान होते ना ही हजारों करोड़ के उत्पादन का नुकसान होता। एक नेता की जिद ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है।
गुप्ता ने कहा कि खैर "देर आयद दुरुस्त आयद"। सरकार को अब तत्काल 700 बलिदानी किसानों के परिवारों को 20-20 लाख मुआवजा देना चाहिए ताकि उनके परिवार संभल सकें। अपने पांव पर खड़े हो सकें।
गुप्ता ने यह भी मांग की कि उचित होगा कि सरकार अब प्रतिष्ठा का प्रश्न ना बनाकर संसद में एमएसपी की गारंटी का कानून बनाकर किसानों के भविष्य को सुरक्षित करे। किसानों की आय को दुगना करने का वादा करते करते सरकार को यह विचार करना चाहिए कि कैसे कृषि की लागत दोगुनी हो गई? गुप्ता ने कहा कि सरकार को माफी जरूर मांगनी चाहिए लेकिन इस बात के लिए कि जिन किसानों ने देश को भुखमरी के हालातों से निकालकर ना केवल आत्मनिर्भर बनाया बल्कि निर्यातक राष्ट्र बनाया उन्हें आतंकवादी कहकर कलंकित करना देश की और किसान की संप्रभुता पर तमाचा था। सरकार का फैसला स्वागत योग्य है बशर्ते संसद के माध्यम से इसे तत्काल लागू किया जाये।
