तीन कृषि कानून को वापस लेने की घोषणा किसानों की जीत- गुप्ता

चाम्पा
तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा को किसानों की जीत करार देते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर संसद में तीन विधेयक पेश करते हुए आनन-फानन में बिना किसी चर्चा के संसद में पास करवाया था जिसके विरोध में किसान आन्दोलनरत थे ये उनकी जीत है।

जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं पार्षद नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसान  विगत 14 माह से सड़क पर आंदोलनरत थे कई किसान आंदोलन के दौरान शहीद हो गए और विरोध कर रहे किसानों को उत्तर प्रदेश के मंत्री पुत्र ने जीप मे रौद कर मार डाला था इसके बावजूद सरकार की संवेदना नहीं जागी ।लेकिन पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव होने हैं और संकेत मिल रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी बुरी तरीके से पीट रही है तो मजबूरी बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज घोषणा करते हुए कहा कि हम कृषि कानून को किसानों को समझाने में असफल साबित हुए हैं इस वजह से यह कानून वापस लेने की घोषणा की है।

आने वाले संसद सत्र में नए कृषि कानून 2020 वापस लेने की प्रक्रिया संसद में पेश करेंगे केंद्र के भाजपा सरकार अपने उटपटांग निर्णय से देश को आर्थिक संकट में धकेल दिया है चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो ,पेट्रोलियम पदार्थों में मनमानी उत्पाद शुल्क हो मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी किसानों एवं आम जनता के साथ मिलकर विरोध करती रही है संसद से सड़क तक जनता की आवाज बनकर सरकार को सचेत करती रही है संगठन मजबूत रहें एकता रहे तो बड़े से बड़े अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा है इसी की परिणति है कि अपने आप को मजबूत कहने वाली सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े और कानून को वापस लेना पड़ा और आने वाले दिनों में भाजपा को गद्दी छोड?े को मजबूर होना पड़ेगा।

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