रोजगार और गरीबों को लाभ पहुँचाना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता – मुख्यमंत्री चौहान
मुरैना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीबों को लाभ पहुँचाना और रोजगार देना हमारी पहली प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत बनाने के पालन में हमने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने का निर्णय लिया है। बैंक स्व-रोजगार के लिए हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराकर प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं। मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को मंत्रालय में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक ले रहे थे।
स्व-रोजगार की अनंत संभावनाएँ
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार की अनंत संभावनाएँ हैं। इसलिए युवा पढ़ाई- लिखाई करने के बाद केवल सरकारी नौकरी के लिए ही नहीं बल्कि स्व-रोजगार के क्षेत्र में भी जाने के भी प्रयास करें। प्रधानमंत्री जी के लोकल को वोकल बनाने के सपने को साकार करने की कोशिश करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए की रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाए।
जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्व-रोजगार से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए बैंकर्स द्वारा जन-जागरूकता अभियान चलाकर स्व-रोजगार मेले लगाए जाएँ। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय कर निर्धारित समयावधि में पूरा करने की कोशिश करें। निर्धारित किए गए लक्ष्यों की उनके द्वारा प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जन-जागरूकता द्वारा लोगों को समझाइश दी जाए कि स्व-रोजगार के लिए जो पैसा ले रहे हैं उसे वापस करने पर ही उन्हें दूसरी किस्त की राशि दी जाएगी।
आजीविका मिशन महिलाओं की जिंदगी बदलने का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री चौहान ने ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान कहा कि आजीविका मिशन महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह महिलाओं की जिंदगी बदलने का कार्यक्रम है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति ही नहीं सामाजिक स्थिति में भी सुधार आता है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में लक्ष्य निर्धारित कर अधिकाधिक हितग्राहियों को लाभ पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए।
स्व-रोजगार की राह दिखाना हमारा कर्त्तव्य
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि छोटे व्यवसायियों को स्व-रोजगार की राह दिखाना हमारा कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि बैंकर्स की सहभागिता अच्छे ढंग से सुनिश्चित होगी तो लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने निजी क्षेत्र के बैंक प्रतिनिधियों से भी शासन की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं को सहयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के हितग्राहियों के आवेदन निरस्त नहीं किए जाएँ। आवेदकों के साथ बैंकों में अच्छा
व्यवहार किया जाए। लोगों में आत्म-विश्वास पैदा हो, कोई भी हितग्राही बैंकों में जाए तो उन्हें ऋण लेने में पूरी तरह मदद की जाए। ऋण लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में पूरा सहयोग करें।
