युवा कांग्रेस और आदिवासी कांग्रेस होगी 47 सीटों पर सक्रिय
भोपाल
गौरव दिवस पर राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेगा शो को देखने के बाद कांग्रेस अब आदिवासियों के बीच ग्राउंड लेवल पर उतर कर काम करने की तैयारी में हैं। कांग्रेस का फोकस जनजातीय वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों पर होगा। इनमें वह अपने दोनों संगठन को उतार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने का अभियान चलाएगी।
प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सदस्यता अभियान चल रहा है। इस अभियान के जरिए आदिवासियों को ज्यादा से ज्यादा कांग्रेस से जोड़ने का तय किया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी युवा कांग्रेस और आदिवासी कांग्रेस को दी गई है। दोनों ही संगठन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अलग-अलग जाकर जानजातीय समुदाय के लोगों को कांग्रेस से जोड़ने का प्रयास करेंगे। युवा कांग्रेस एक बूथ पांच यूथ का फार्मेूला यहां पर लागू करेगा। वह हर बूथ पर पांच-पांच यूथ को उतारकर अपने अभियान को चलाएगी। जिसमें हर बूथ पर पांच युवा लोग घर-घर जाकर युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने के लिए उन्हें सदस्यता दिलाएंगे। वहीं आदिवासी कांग्रेस की भी टीम इन क्षेत्रों में जाकर सदस्य बनाने का काम करेगी। आदिवासी कांग्रेस भी हर घर जाकर यह तय करेगी कि ज्यादा से ज्यादा आदिवासी कांग्रेस के सदस्य बने।
प्रदेश में 47 सीटे अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इनमें से कांग्रेस के पास ज्यादा सीटें हैं, जबकि भाजपा के पास कम सीटें हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी इन सीटों को बचाने के लिए अभी से संघर्ष कर रही है, वहीं भाजपा आदिवासी सीटों की संख्या बढाÞने के लिए जुटी हुई है।
