आगरा के कार शोरूम मैनेजर की हत्या, शव मुरैना में मिला
मुरैना
मुरैना के अल्लाहबेली पुलिस चौकी के पास स्थित हनुमान मंदिर के पास एक युवक का मंगलवार को शव मिला है। शव की पहचान रंजीत खरे, निवासी आगरा के रूप में हुई है। रंजीत खरे सनी टोयोटा कार कंपनी में शॉप मैनेजर थे। मृतक के भाई अमित खरे ने बताया कि सोमवार की रात सवा ग्यारह बजे उनके उनकी भाई से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे सिकंदरा, आगरा में हैं तथा थोड़ी देर में लौट रहे हैं। उसके बाद वह रात में नहीं लौटे तथा सुबह उनकी लाश मुरैना के चंबल के किनारे अल्लाहबेली पुलिस चौकी के पास मौजूद हनुमान मंदिर के पास मिली है। उन्होंने बताया है कि उनके भाई की सिकंदरा में हत्या कर दी गई है तथा उसके बाद लाश को मुरैना में डाल गए हैं। आपको बता दें, कि मृतक रंजीत खरे चार भाई थे। सबसे बड़े रंजीत खरे थे, उसके बाद विक्रांत खरे, तीसरे नंबर के सुरजीत खरे तथा चौथे नंबर के अमित खरे हैं। यह चारों मकान नंबर-6/136 मोती कटरा, आगरा में एक ही मकान में रहते हैं। मकान पैत्रिक है। रंजीत खरे सनी टोयोटा कार कंपनी में बॉडी शॉप मैनेजर थे। वह आगरा में ही पदस्थ थे।
शाम साढ़े पांच बजे निकले एजेंसी से
पुलिस के मुताबिक रंजीत खरे आगरा स्थित टोयोटा कंपनी की एजेंसी से शाम साढ़े पांच बजे निकले थे। उसके बाद आगरा में ही रात सवा नौ बजे तक मृतक ने अपने दोस्तों के साथ पार्टी की। उसके बाद वे आगरा के पास स्थित सिकंदरा पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने दोस्तों को फोन लगाया कि आ जाओ, यहां खाना खाते हैं। इसके बाद उन्होंने सिकंदरा स्थित पंजाबी ढाबा में खाना खाया। उसी समय रात सवा ग्यारह बजे उनके सबसे छोटे भाई अमित का फोन उनके पास आया कि भैया कहां हो, इस पर उन्होंने कहा कि वे सिकंदरा में हैं तथा वापस घर लौटने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि दोस्तों ने बताया कि उन्होंने बुलाया जरूर था लेकिन उनके यहां फंक्शन था, इसलिए पहुंचे नहीं थे।
कार, अंगूठी, सब लूट ले गए
मृतक के भाई अमित खरे ने बताया कि उनके भाई के पास सनी टोयोटा कंपनी की इटियोस कार थी, जिसका नंबर-यूपी-83-8733 है। इसके अलावा उनकी अंगूठी, मोबाइल व पर्स सब लूट ले गए। लाश के पास कुछ नहीं था।
चेहरे व शरीर पर चाकुओं के निशान
मृतक के भाई ने बताया कि उनके भाई के चेहरे व शरीर पर चाकुओं के निशान हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि उनके भाई की हत्या की गई है। उनकी पहले सिकंदरा में हत्या की गई है तथा उसके बाद उनकी लाश को मुरैना के चंबल के किनारे अल्लाहबेली पुलिस चौकी के बगल में मौजूद हनुमान मंदिर के पास डाल गए हैं, जिससे लाश की पहचान न हो सके।
