स्टार प्रचारक की सूची से अब एनपी प्रजापति का नाम हटाया

 भोपाल
 मध्य प्रदेश में कांग्रेस के उन नेताओं की उपेक्षा का दौर जारी है, जो जमीनी पकड़ रखते हैं। खंडवा लोकसभा सीट के उपचुनाव के प्रबल दावेदार रहे और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव की उपेक्षा का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के जी-23 सदस्य विवेक तन्खा संगठन में मान-अपमान के घेरे में आ गए हैं।

मामला उपचुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची का है। इसमें तन्खा का नाम नहीं था। बाद में तन्खा का नाम सूची में शामिल किया गया, लेकिन इसके बदले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एनपी प्रजापति का नाम हटाना पड़ा। अब इस मामले में भाजपा हमलावर है। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने जब देखा कि पार्टी के भीतर उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है तो उन्होंने खुद ही उपचुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया था।

बाद में नाराजगी थामने के लिए कांग्रेस ने स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी देते हुए 20 नेताओं की सूची गत आठ अक्टूबर को सार्वजनिक की थी। इसमें अरुण यादव का नाम शामिल था। जबकि राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा का नाम सूची में दर्ज नहीं था। सूत्रों का कहना है कि तन्खा इससे खुश नहीं थे।

इस नाराजगी को थामने की कोशिश हुई और नौ अक्टूबर को संशोधित सूची जारी की गई। इसमें 18वें नंबर पर एनपी प्रजापति का नाम हटाकर तन्खा को शामिल किया गया। यह मामला मंगलवार को सार्वजनिक हुआ। इस पर भाजपा हमलावर हो गई। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने ट्वीट किया कि कांग्रेस की अदालत में अनुसूचित जाति का नेता धनाढ्य वकील से केस हारा। कांग्रेस अनुसूचित जाति वर्ग का ऐसे सम्मान करती है।

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