73 करोड़ रुपए की वसूली करने अब MLA के अलावा कर्मचारियों को भी मिल सकेंगे रचना टावर्स में घर
भोपाल
राज्य आवास संघ ने भोपाल के रचना नगर में विधायकों और पूर्व विधायकों के लिए बनाए गए रचना टावर बनाने को लिए खुद कि 51 करोड़ रुपए और अपैक्स बैंक से 22 करोड़ रुपए का कर्ज ले रखा है। कई विधायकों द्वारा यहां आवास नहीं लिए जाने और किस्तें जमा नहीं करने के कारण उनके आवंटन निरस्त किए गए है। अब इन आवासों को बेचने के लिए आवास संघ और विधानसभा सचिवालय ने तय किया है कि विधानसभा और केन्द्र तथा राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बेचे जाएंगे। राज्य आवास संघ ने रचना टावर में मध्यप्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों के लिए रचना टावर का निर्माण किया है।
सभी आवास बनकर तैयार है। इन आवासों में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 48 आवासों को किसी भी विधायक ने नहीं लिया है। वहीं एमआईजी और एचआईजी आवास भी काफी संख्या में बचे हुए है। ये आवास स्ववित्तीय योजना में बनाए जाने थे लेकिन सभी विधायकों द्वारा समय पर इसके लिए राशि जमा नहीं किए जाने से बैंक से कर्ज लेने की जरूरत पड़ी और अब कर्ज पर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है। इन आवासों के लिए जमीन आवंटन इसी शर्त पर हुई थी कि यहां केवल विधायकों और पूर्व विधायकों को आवास बनाकर आवंटित किए जाएंगे।
वित्त विभाग की सहमति लेकर आवास संघ ने इसकी शर्तों में छूट देने का निर्णय लिया है। अब ऐसे विधायकों और सांसदों को सबसे पहले आवास दिए जाएंगे जिनके पास भोपाल में आवास नहीं है। दूसरे नंबर पर पूर्व विधायकों, सांसदों को आवास दिए जाएंगे जिनके पास भोपाल में आवास नहीं है। तीसरे नंबर पर दिवंगत विधायक, सांसदों के परिजनों को आवास दिए जाएंगे। इसके बाद आवास शेष रहे तो विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ये आवास उसी दर पर बेचे जा सकेंगे जिस पर मौजूदा विधायकों और सांसदों को दिए जा रहे है।
