कोरोना संक्रमित मृतकों के अंतिम संस्कार में करोड़ों के भुगतान में कही कमीशन का खेल तो नहीं – श्रीचंद

रायपुर
कोरोना संक्रमण में मृतकों के अंतिम संस्कार में लगे लोगों के करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया होने पर नगरीय निकायों व प्रदेश सरकार पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्रीचन्द सुन्दरानी ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस शासित नगरीय निकायों के निकम्मेपन के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार में लगे लोगों को अब अपने भुगतान के लिए अब अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और क्या हो सकती है? क्या इसमें भी कमीशन का कोई खेल पर्दे के पीछे खेला जा रहा है?

सुन्दरनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार करने वाले कोरोना वॉरियर्स तक के साथ संवेदनहीनता की जिस तरह हदें पार कर दी है, वह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी सभ्य समाज के लिए मानवता को शर्मसार करने के लिए पर्याप्त है। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस शासित नगरीय निकाय भी प्रदेश सरकार के अमानवीय आचरण की हू-ब-हू नकल कर रहे हैं। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार में लगे कोरोना वॉरियर्स के दो करोड़ रुपए का भुगतान बकाया होने के ताजा खुलासे पर तंज कसते हुएसुन्दरनी ने कहा कि रायपुर नगर निगम में चल रही तुगलकशाही का आलम यह है कि सफाई कर्मचारियों के पारिश्रमिक में कटौती करके भरे लॉकडाउन में उन्हें आंदोलन के लिए विवश किया गया था और अब कोरोना मृतकों को अंतिम संस्कार करने वालों को अपना भुगतान पाने के लिए चक्कर-पर-चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह कोरोना की रोकथाम को लेकर प्रदेश सरकार की राजनीतिक दुर्भावना का एक और नमूना है।

उन्होंने कहा कि आत्ममुग्ध प्रदेश सरकार के 13 स्वयंभू कोरोना वॉरियर्स बने बैठे मंत्रियों को इस बात की कोई सुध तक नहीं है। अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार का जिन एजेंसियों को टेंडर दिया गया था, उन एजेंसियों के लोगों के साथ प्रदेश सरकार और नगरीय निकायों का यह रवैया निंदनीय है।सुन्दरनी ने कहा कि जारी टेंडर के अनुसार राजधानी के नगर निगम ने एक शव के अंतिम संस्कार के लिए 6,021 रुपए की दर तय की थी। संक्रमण की तीव्रता खत्म होने के बाद नगर निगम उक्त राशि का भुगतान करना भूल गया! नगर निगम के अधिकारी उक्त भुगतान जल्दी कराने का रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं। निगम आयुक्त कह रहे हैं कि ठेका एजेंसी को थोड़-थोड़ा करके पैसे दिए जा रहे हैं!सुन्दरानी ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स को भी प्रदेश सरकार किश्तों में भुगतान कर रही है, किसानों को भी किश्तों में उनकी उपज का मूल्य दे रही है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उत्तरप्रदेश में करोड़ों रुपए का मुआवजा देने के निहायत ओछे राजनीतिक हथकंडों में मशगूल हैं।

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