जोबट कांग्रेस का अभेद गढ़, 31 साल से कांग्रेस को जीत का इंतजार
भोपाल
प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस को एक दूसरे के गढ़ में सेंध लगाना होगी। जोबट जहां कांग्रेस का गढ़ रही है। वहीं रैंगाव जुगल किशोर बागरी का गढ़ मानी जाती है, जबकि पृथ्वीपुर सीट पर बृजेंद्र सिंह राठौर भारी रहते थे। अब तीनों ही सीटों पर दोनों प्रमुख दलों को अपनी पूरी ताकत लगाना होगी। जब ही एक दूसरे के गढ़ में वे अपनी जीत का परचम लहरा सकेंगे।
रैगांव में कांग्रेस को आखिरी बार जीत 1985 के विधानसभा चुनाव में मिली थी। वर्ष 1990 के चुनाव से वह इस सीट पर जीत के लिए तरस रही है। तब से हुए चुनाव में जनता दल, भाजपा और बसपा का ही इस सीट पर कब्जा रहा। हालत ऐसे बने की कांग्रेस अधिकांश तीसरे नंबर पर रही। हालांकि पिछले चुनाव में कांग्रेस यहां पर दूसरे नंबर पर आने में सफल रही। यहां से जुगल किशोर बागरी वर्ष 1993 से 2008 तक चार चुनाव लगातार जीते। इसके बाद के चुनाव में बसपा की उषा चौधरी जीती। पिछला चुनाव भी जुगल किशोर बागरी ही जीते थे।
जोबट सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। वर्ष 1967 से लेकर अब तक यहां पर विधानसभा के 12 चुनाव हुए, जिसमें से महज दो चुनावों में ही भाजपा यहां से जीत सकी। कांग्रेस के अजमेर सिंह वर्ष 1967 से लेकर वर्ष 1993 तक लगातार चुनाव जीतते रहे। हालांकि इसके बाद यहां से कांग्रेस ने सुलोचना रावत को टिकट दिया उन्होंने भी जीत दर्ज की। भाजपा पहली बार वर्ष 2003 में इस सीट से जीत सकी। इसके बाद फिर 2008 में भाजपा हार गई, लेकिन 2013 में भाजपा ने फिर कब्जा जमाया। वर्ष 2018 में कांग्रेस ने इस सीट पर वापस से अपनी झोली में कर लिया था।
पृथ्वीपुर सीट वर्ष 2008 में बनी। इस सीट पर अब तक तीन चुनाव हुए हैं, तीनों ही चुनाव में कांग्रेस ने बृजेंद्र सिंह राठौर को ही अपना उम्मीदवार बनाया। इसमें से वे दो चुनाव जीते। वर्ष 2008 में राठौर चुनाव जीते। इसके बाद का चुनाव वे अनीता नायक से हार गए थे। वर्ष 2018 में हुए चुनाव में फिर से बृजेंद्र सिंह राठौर इस सीट से जीते। इससे पहले बृजेंद्र सिंह राठौर निवाड़ी सीट से चुनाव लड़ते थे। वे दोनों सीट से कुल पांच बार चुना जीते। इसमें से दो बार वे निर्दलीय चुनाव जीते थे।
