सूबे के बुनकरों के उत्थान के लिए बनेंगे क्लस्टर, भागलपुर, नवादा, नालंदा और पटना में क्लस्टर बनाने की मिली स्वीकृति
भागलपुर
राज्य में बुनकरों के उत्थान की कवायद चल रही है। कपड़ा और वस्त्र मंत्रालय ने राज्य के चार जिलों में क्लस्टर बनाने की स्वीकृति दी है। इसमें भागलपुर के अलावा नवादा, नालंदा और पटना शामिल हैं। जहां एक-एक क्लस्टर बनाये जायेंगे। भागलपुर में इसकी जगह भी लगभग तय हो चुकी है। जिले के लोदीपुर में यह क्लस्टर बनेगा। अभी कागजी प्रक्रिया चल रही है। सहायक निदेशक व प्रभारी बुनकर सेवा केंद्र, भागलपुर विनोद भेसारे ने बताया कि बुनकरों के उत्थान के लिए एक नया क्लस्टर जल्द बनेगा। कपड़ा व वस्त्र मंत्रालय की ओर से इसकी कागजी प्रक्रिया अंतिम दौर में है। भागलपुर में पहले से सात जगह पंखाटोली, नाथनगर, दरियापुर, खरीक, कमालचक, मिरानचक व पीरपैंती में क्लस्टर काम कर रहा है।
जिले के 205 बुनकरों को होगा तत्काल फायदा
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रामशरण राम ने बताया कि भागलपुर में जो नया क्लस्टर लोदीपुर में बनेगा, उसमें तत्काल 205 बुनकरों को फायदा होगा। क्लस्टर होने से बुनकरों को कच्चा माल दिया जाएगा। इसके बाद वे कच्चे माल से धागा तैयार करेंगे। यहां ही उनके लिए कपड़ा, रंगाई, फिनिशिंग, पैकजिंग आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ बुनकरों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि डिजायनर कपड़े तैयार किए जा सके।
बुनकरों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी
बुनकर कल्याण समिति के सदस्य अलीम अंसारी ने बताया कि बुनकर सेवा केंद्र को क्लस्टर में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करानी जानी चाहिए। ऐसा नहीं कि बुनकरों को हैंडलूम मशीन ही कम मिले। एक योजनाबद्ध तरीके से क्लस्टर चलने से कई बुनकरों को लाभ पहुंचेगा। उसकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। उन्होंने बताया कि क्लस्टर का निरीक्षण बराबर होना चाहिए और बुनकरों को जा समस्याएं आ रही हैं, उसका निदान होना जरूरी है।
