स्कूल शिक्षा विभाग: फरवरी तक काम नहीं कराए तो निर्माण कार्य के लिए राशि नहीं देगा केंद्र
भोपाल
स्पिलओवर बजट में स्वीकृत सारे अपूर्ण कार्य यदि फरवरी 2022 तक पूरे नहीं काए तो केन्द्र सरकार आगामी वार्षिक कार्ययोजना में जिलों को कोई राशि निर्माण कार्य हेतु नहीं देगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सारे कलेक्टरों को चेताया है कि सभी अपूर्ण कार्य तत्काल पूरे कराएं वर्ना उनके जिलों को अगले साल कोई राशि नहीं मिलेगी।
प्रदेश की शासकीय शालाओं में शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, जीर्णशीर्ण भवन के स्थान पर नवीन भवन, बालक-बालिका शौचालय, विद्युतीकरण, मरम्मत, हेंडवॉश यूनिट, पुरानी शाला भवन का पुनर्उद्धार जैसे काम तथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय , छात्रावासों में छात्रावास भवन, बाउंड्रीवाल, वेटिंग रूम, नलकूप खनन, उन्न्यन के निर्माण कार्य केन्द्र सरकार ने स्वीकृत किए है। इनमें से कई काम पूरे नहीं हो पाए है। इन अपूर्ण निर्माण कार्यो को पूरा करने के लिए वास्तविकता के आधार पर योजना तैयार करने के लिए सभी कलेक्टरों को कहा गया है।
भवन तथा अतिरिक्त कक्ष के ऐसे अपूर्ण निर्माण कार्य जो स्वीकृत लागत में पूर्ण नहीं होने के कारण अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो, उन कार्यो के शेष कार्य का वर्क टू बी डन प्राकलन तैयार करते हुए काम को पूर्ण कराने हेतु लगने वाली अतिरिक्त राशि का भुगतान जिले के समग्र शिक्षा अभियान के अन्य पूर्ण कार्यो की बचत राशि , राज्य मद के अंतर्गत विगत वर्षो की लागत वृद्धि की जिले में उपलब्ध राशि से कराए जाए। स्टाम्प शुल्क की जिले में उपलब्ध राशि और सीएसआर अंतर्गत उपलब्ध राशि काउपयोग करे।
अपूर्ण काम मे वर्तमान पदाधिकारियों से समन्वय करके निर्माण एजेंसी से काम को पूरा कराए। वर्तमान एसओआर के अनुसार अपूर्ण निर्माण को पूर्ण कराने में जितनी राशि की जरुरत हो उतनी राशि की वसूली की जाए। सभी कलेक्टरों से जिले की आगामी चार माह की कार्यवार योजना कलेक्टरों से मांगी गई है। ऐसे अपूर्ण कार्य जिन्हें किसी अपरिहार्य कारण से पूर्ण कराया जाना संभव नहीं हो जिनमें निर्माण एजेंसी के सभी पदाधिकारियों की मृत्यु हो गई हो, प्रकरण में सिविल न्यायालय ने कोई स्थगन आदेश दिया हो, बार बार प्रयास के बाद भी वन विभाग अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दे रहा हो ऐसे काम के लिए कार्यवार पृथक पृथक केस शीट भी मांगी गई है। इन कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा गया है।
