BJP के लिए चुनौती बनेंगे गुर्जर? भड़ाना बोले- यूपी की सत्ता से हटाकर लेंगे अपमान का बदला
नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक अवतार सिंह भड़ाना (Avtar Singh Bhadana) ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में गुर्जर समुदाय उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी को सत्ता से बाहर कर उसके अपमान का बदला लेगा। भड़ाना शनिवार को यहां के पास शुक्रताल में एक धार्मिक स्थल पर गुर्जर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने 2022 के चुनाव में यूपी और उत्तराखंड में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए गुर्जर समुदाय से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा शासन के दौरान गुर्जर समुदाय को अपमानित किया गया है। भड़ाना ने दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के विवाद के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने की मांग की।
9वीं शताब्दी के राजा मिहिर भोज की विरासत को लेकर पिछले सप्ताह राजपूत और गुर्जर समुदायों के बीच एक विवाद छिड़ गया था, जब दादरी के एक कॉलेज में मुख्यमंत्री द्वारा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया था। केंद्र के तीन कृषि कानूनों से नाराजगी के बाद इस साल की शुरुआत में भाजपा से इस्तीफा देने वाले भड़ाना ने मांग की कि किसान विरोधी कानूनों को रद्द किया जाए।पूर्व सांसद ने कहा कि वह चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर गुर्जर समुदाय की गरिमा को बनाए रखने के लिए एक राजनीतिक दल बनाएंगे। बता दें कि, ग्रेटर नोएडा के दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर शब्द हटाने के विरोध में रविवार को बिना अनुमति के महापंचायत करने और धारा-144 तथा कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में अवतार सिंह भड़ाना समेत 150 लोगों व करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर शुक्रवार को गुर्जर समाज के लोग विरोध में उतर आए थे। दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने-सामने थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर विवाद खत्म कर दिया था। इसके बाद प्रतिमा अनावरण के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द को लेकर राजनीति शुरू हो गई। मुख्यमंत्री योगी के जाने के बाद लोगों की भीड़ शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटा देखकर भड़क गई। आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया और दादरी विधायक तेजपाल नागर के खिलाफ नारेबाजी की। गुर्जर समुदाय के लोगों ने गुर्जर शब्द हटाने के विरोध में रविवार को महापंचायत का ऐलान किया था। अखिल भारतीय गुर्जर फ्रंट के अध्यक्ष नवीन भाटी ने बताया कि शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाकर समुदाय के लोगों के साथ धोखा किया गया है।
