अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए कई बड़े ऐलान

अमृतसर। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने अपनी सियासी बिसात को मजबूती से बिछाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने कहा है कि जैसे दिल्ली के स्कूल ठीक किए, वैसे ही पंजाब के स्कूल ठीक करेंगे। क्योंकि सिर्फ हमको ही ठीक करना आता है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में स्कूलों की खराब हालत है। यहां 24 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में है। कई स्कूल में एक भी टीचर नहीं है। कई स्कूल में एक ही टीचर सारे सब्जेक्ट पढ़ा रहा है। स्कूलों की पुताई कराकर स्मार्ट बोला जा रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की जरूरत है। उसी के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करता हूं और पंजाब के शिक्षकों के लिए 8 बड़ी गारंटी देता हूं।

    शिक्षा प्रणाली को बदलेंगे। पंजाब के टीचर्स के साथ मिलकर शिक्षा क्रांति लेकर आएंगे। कुछ दिन बाद पूरा मसौदा पेश करेंगे।
    संविदा की नौकरियों को स्थाई में बदलेंगे। सरकार बनते ही सभी ठेके वाले और आउटसोर्स टीचर्स को पक्का करेंगे।
    स्थानांतरण नीति बदलेंगे। हर टीचर को उसके घर के पास पोस्टिंग देंगे। टीचर को मनमाफिक जगह पर पोस्टिंग देंगे और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लाएंगे।
    शिक्षकों से कोई गैर-शिक्षण कार्य नहीं करवाएंगे।
    सभी रिक्तियों को भरेंगे।
    विदेश से प्रशिक्षण दिलवाएंगे।
    समय पर प्रमोशन मिलेगा।
    कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ मिलेगा। सभी टीचर्स और उनके परिवार को कैशलेस इंश्योरेंस।

केजरीवाल ने जोर देकर कहा है कि पंजाब में स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने ये भी आरोप लगा दिया कि पंजाब में स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं। उन्होंने वादा किया है कि उनकी सरकार बनने पर दिल्ली की तरह पंजाब में भी स्कूली शिक्षा को सुधारा जाएगा।

भगवंत मान बोले- स्मार्ट लिख देने से स्कूल स्मार्ट नहीं हो जाते
उन्होंने दिल्ली के स्कूलों का उदाहरण दिया और कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शानदार काम हुआ है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 97.7% नतीजे आ रहे हैं। आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि किसी भी देश का आधार शिक्षा होता है। पंजाब में एजुकेशन सिस्टम है ही नहीं। स्कूल पर स्मॉर्ट लिख देने से स्कूल स्मॉर्ट नहीं होते। 10वीं और 12वीं के बाद छात्र विदेश जा रहे हैं, क्योंकि यहां टीचर्स का ही बुरा हाल है तो छात्रों का क्या होगा। उन्होंने केजरीवाल से दिल्ली में स्कूलों के विजन को देखते हुए रोड मैप देने की मांग की।

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