प्लेटफार्म पर सुविधाओं का उपयोग करने का देना होगा शुल्‍क

जबलपुर
जबलपुर रेल मंडल ने आखिरकार मुख्य रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह विकसित करने का काम पूरा कर लिया है। इतना ही नहीं एयरपोर्ट पर मिलने वाली सुविधाएं भी स्टेशन पर मिलने लगेंगी, लेकिन इन सुविधाओं का उपयोग करने के लिए यात्रियों को अपनी जेब ढीली करनी होगी। मतलब यह है कि जबलपुर रेलवे स्टेशन के एसी वेटिंग रूम में बैठकर ट्रेन का इंतजार करने के लिए उन्हें पैसे देने होंगे, स्लीपर कोच के वेटिंग रूम का टायलेट उपयोग करने के लिए अब निर्धारित शुल्क देना होगा।

दरअसल रेलवे ने यात्रियों से अब उन सुविधाओं का भी पैसा वसूलना शुरू कर दिया है, जो अब तक नि:शुल्क हुआ करती थीं। जबलपुर रेल मंडल में इसकी शुरुआत मुख्य रेलवे स्टेशन से हो गई है। रेलवे ने इसे ठेके पर दे दिया है। अब ठेकेदार यात्री को तभी यहां प्रवेश देगा, जब उसे प्रति व्यक्ति के हिसाब से पूरा पैसा मिल जाएगा।

जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर बने एसी वेटिंग रूम को स्टेशन रिडवलपमेंट की तरह सर्वसुविधायुक्त बना दिया गया है। यहां पर बैठने से लेकर खाने तक की व्यवस्था है। जिन यात्रियों के पास एसी की टिकट है वो तो इसमें आराम से बैठ सकते हैं।

खास बात यह है कि जिनके पास स्लीपर की टिकट है, वे भी यहां बैठकर ट्रेन का इंतजार कर सकते हैं, लेकिन दोनों कोच के यात्रियों को यहां बैठने का शुल्क देना होगा, वो भी हर घंटे का। यानि पहले दो घंटे बैठने पर आप से दस स्र्पये प्रति व्यक्ति लिए जाएंगे और यदि ट्रेन लेट है और आप ज्यादा वक्त यहां बैठना चाहते हैं तो फिर आप को हर घंटे 10 स्र्पये प्रति व्यक्ति के हिसाब से देना होगा।

प्लेटफार्म छह पर बने स्लीपर कोच के वेटिंग रूम में बैठने का कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन यहां बने टायलेट का उपयोग करना है तो आप को पांच स्र्पये शुल्क पहले देना होगा। यदि शुल्क नहीं दे सकते तो वेटिंग रूम में सामान रखकर आप स्टेशन के बाहर कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन यहां के टायलेट में पैसे देने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इतना ही नहीं यहां पर रेस्टारेंट भी बनाया गया है, जिसमें खाना खाने से पहले एक बार रेट लिस्ट पढ़ना जरूरी है, वरना सस्ते के चक्कर में आप को महंगा खाना खाना पड़ेगा।

जबलपुर मंडल अपनी सीमा में आने वाले सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन पर एसी वेटिंग रूम खोलने जा रहा है, जिसमें बैठने और टायलेट का उपयोग करने के लिए यात्री को शुल्क देना होगा। यह वेटिंग रूम जबलपुर, कटनी, मुडवारा, सतना, रीवा, मैहर रेलवे स्टेशन में बनाए जा रहे हैं। आने वाले तीन से चार माह में यह बनकर तैयार हो जाएंगे, जिसके बाद इन्हें निजी हाथों में सौप दिया जाएगा।

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