वाहनों के हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर, घर बैठे डिजिटली हो जाएगा सारा काम
नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में 31 अक्टूबर के बाद से वाहनों के हाइपोथिकेशन के लिए बैंक जाने और भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने वाहनों के हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन (एचपीटी) प्रक्रिया को और आसान व पारदर्शी बनाने के लिए बुधवार को दिल्ली में वाहनों की खरीदारी के लिए ऋण प्रदान करने वाले सभी प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ एक बैठक की।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बैठक में यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए कि 31 अक्टूबर के बाद हाइपोथिकेशन जोड़ने और समाप्ति के संबंध में कोई भौतिक दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। बैंकों और ऋण देने वाली संस्थाओं को आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सभी दस्तावेजों और एनओसी को सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा करना होगा। जिससे भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता न पड़े।
ऑटोमैटिक एचपीटी के लिए पहले ही आईसीआईसीआई बैंक के साथ भागीदारी थी। वाहनों की खरीद के लिए ऋण लेने वाले 7800 से अधिक आवेदकों का डेटा प्राप्त किया है। लेकिन नवंबर महीने की शुरुआत से किसी भी वित्तीय संस्थान से वाहन ऋण प्राप्त करने वाले किसी भी आवेदक को एचपीटी के लिए बैंक जाने और भौतिक रूप से कोई दस्तावेज जमा करने की भी जरूरत नहीं होगी।
